Tue. Aug 25th, 2026

ऊना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच में चूहे ने बुजुर्ग को बनाया शिकार, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ऊना-इंदौर एक्सप्रेस: फर्स्ट AC कोच में आरामदायक और सुरक्षित सफर की उम्मीद की जाती है, इसलिए आप सोच सकते हैं कि आधी रात को जब बिस्तर पर चूहा आ जाए, तो स्थिति कितनी खराब हो जाती है। चंडीगढ़ से इंदौर जा रही ऊना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच में ठीक ऐसा ही हुआ। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रहे 78 वर्षीय बुजुर्ग एचपी करण की सोते समय चूहे ने नाक कुतर दी। हैरानी वाली बात यह है कि करण परिवार ने यात्रा शुरू होते ही कोच में चूहा घूमने और गंदगी की शिकायत रेलवे स्टाफ से की थी, लेकिन इसके बाद भी चूहों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।

रात में सो रहे बुजुर्ग की नाक कुतरी

विजय ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे उनके बुजुर्ग पिता, एचपी करण, सो रहे थे, तभी एक चूहा उनकी सीट के पास आया और उनकी नाक काट ली। इस अचानक हुए हमले से उनके पिता और परिवार के बाकी सदस्य घबरा गए। ट्रेन में मदद मांगी गई और आगरा पहुंचने पर एक डॉक्टर ने बुजुर्ग की जांच की। प्राथमिक उपचार देने के बाद, डॉक्टर ने सलाह दी कि किसी गहन इलाज की जरूरत नहीं है। इंदौर पहुंचने पर परिवार उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने एंटी-रेबीज का पहला इंजेक्शन लगाया और चार और खुराक लेने की सलाह दी।

रेलवे की व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद परिवार ने रेलवे की साफ-सफाई और कीड़े-मकोड़ों व चूहों को नियंत्रित करने के उपायों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब फर्स्ट AC कोच में चूहों के होने की शिकायत पहले ही की जा चुकी थी, तो उन्हें हटाने के लिए तुरंत कदम क्यों नहीं उठाए गए? ध्यान देने वाली बात यह है कि चूहों की समस्या सिर्फ ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है। कुछ समय पहले, भोपाल के रहने वाले नीरज को इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल कॉम्प्लेक्स में एक चूहे ने काट लिया था। उस घटना ने भी एयरपोर्ट की साफ-सफाई और कीड़े-मकोड़ों व चूहों को नियंत्रित करने के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए थे। (एजेंसी)

About The Author