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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को भेजा नोटिस, पूछा- जमानत क्यों न रद्द की जाए?

Indore News: पिछले शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। मेघालय पुलिस ने सोनम को जमानत देने वाले हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी कर पूछा कि उनकी जमानत रद्द क्यों न की जाए।

मैं बेगुनाह हूं, मुझे फंसाया गया’

अब सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर अपनी बेगुनाही का ऐलान किया है। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका दावा है कि अभियोजन पक्ष ने सिर्फ अपने संदेह और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ आरोपों का पूरा ढांचा गढ़ा है। सिर्फ आरोपों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई आज, गुरुवार को फिर से करेगा।

अपने हलफनामे में सोनम ने कहा है कि जमानत मिलने के बाद से वह मुकदमे की प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमे में देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने जांच से लेकर न्यायिक कार्यवाही तक हर स्तर पर सहयोग किया है और अदालत द्वारा जमानत पर लगाई गई सभी शर्तों का पालन किया है।

मुझे दोबारा जेल भेजने का कोई मतलब नहीं

अपने जवाब में सोनम ने यह भी कहा कि उन्हें 27 अप्रैल, 2026 को जमानत मिली थी और अगले ही दिन, 28 अप्रैल को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था। इसलिए, उन्हें वापस जेल भेजने का कोई कानूनी औचित्य नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि इस मामले में उनकी जमानत रद्द करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने उन पर जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगाया है। हलफनामे में सोनम ने यह भी कहा कि इस मामले में अब उनसे किसी तरह की बरामदगी की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ऐसे में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी नहीं बनती।

पिछली सुनवाई में क्या बोली थी सोनम रघुवंशी?

पिछली सुनवाई के दौरान, सोनम रघुवंशी के वकील ने तर्क दिया कि उन्हें न तो वकील मुहैया कराया गया और न ही उनकी गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण बताए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें केवल एक खाली प्रपत्र थमा दिया था।इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि यदि यह मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था तो इसे पहले अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि यदि जमानत केवल तकनीकी आधार पर दी गई है तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी करने से रोकता है?

सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक बेहद सनसनीखेज मामला है। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपपत्र के अनुसार, सोनम रघुवंशी कथित तौर पर हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में शामिल थीं और अन्य आरोपी भी इस साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने यह भी बताया कि निचली अदालत सोनम की जमानत याचिका को तीन बार खारिज कर चुकी है। उन आदेशों में अदालत ने उनके खिलाफ मजबूत प्रथम दृष्टया सबूतों और उनके फरार होने की संभावना का जिक्र किया था।

हत्याकांड में ट्रायल अभी भी जारी

राजा रघुवंशी हत्याकांड की वर्तमान स्थिति अभी भी अनिश्चित है और इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जबकि अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी है। इस बीच, मेघालय सरकार और राजा रघुवंशी का परिवार उनकी जमानत रद्द कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय में अगली सुनवाई पूरे मामले के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मामले की भावी दिशा काफी हद तक तय हो सकती है। (एजेंसी)

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