Raghav Chadha Followers Drop: एक झटके में 20 लाख फॉलोअर्स गायब! क्या राघव चड्ढा का ‘BJP प्रेम’ उन्हें युवाओं से दूर कर गया?
Raghav Chadha Followers Drop: भारतीय राजनीति में ‘डिजिटल लोकप्रियता’ के पैमानों पर राज करने वाले राघव चड्ढा के लिए पिछला हफ्ता किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ अपने पुराने रिश्तों को तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामते ही उन्हें जनता, विशेषकर युवाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा असर उनके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर देखने को मिला है।
डिजिटल साम्राज्य को लगा झटका: 48 घंटे में 2 मिलियन फॉलोअर्स कम
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, जिन्हें कभी अरविंद केजरीवाल का ‘ब्लू-आईड बॉय’ माना जाता था, अब अपने समर्थकों के निशाने पर हैं। आंकड़ों के मुताबिक:
- शुक्रवार: राघव के लगभग 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे।
- रविवार: यह संख्या घटकर 12.4 मिलियन रह गई।
मात्र 48 घंटों के भीतर करीब 20 लाख लोगों ने उन्हें अनफॉलो कर दिया है। यह गिरावट तब और चर्चा में आई जब चड्ढा ने एक स्टोरी रीपोस्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि AAP के सभी बड़े नेताओं के कुल फॉलोअर्स भी उनके बराबर नहीं हैं।

‘सिद्धू मूसेवाला’ की भविष्यवाणी और ‘Scapegoat’ का ट्रेंड
राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होते ही दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का 2022 का गाना “Scapegoat” फिर से सोशल मीडिया पर गूँजने लगा है। इस गाने में मूसेवाला ने पंजाब से राज्यसभा के लिए ‘बाहरी’ नेताओं के चयन की आलोचना की थी।
मूसेवाला के पिता, बलकौर सिंह सिद्धू ने भी इस राजनीतिक उथल-पुथल पर प्रतिक्रिया देते हुए गाने की पंक्तियाँ साझा कीं: “जो राज्यसभा होया, ज़िम्मेवार दस्सो कौन? हुण मैनु लोको ओए गद्दार दस्सो कौन?”। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पाला बदलने वाले सांसदों को सार्वजनिक रूप से ‘गद्दार’ संबोधित किया है।
मिटाए जा रहे हैं पुराने ‘निशां’
सोशल मीडिया पर #unfollowRaghavChadha ट्रेंड कर रहा है। नेटिज़न्स ने यह भी नोटिस किया है कि चड्ढा ने अपने अकाउंट्स से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की आलोचना करने वाले पुराने पोस्ट डिलीट करना शुरू कर दिया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज के अनुसार, उनकी टाइमलाइन पर अब ‘मोदी’ शब्द वाले केवल दो पोस्ट बचे हैं, और वे दोनों ही पीएम की तारीफ में हैं।
क्यों लोकप्रिय थे चड्ढा? ‘Gen Z’ से जुड़ाव की कहानी
राघव चड्ढा की सफलता का राज पारंपरिक राजनीति से हटकर उन मुद्दों को उठाना था जो युवाओं और आम जनता को सीधे प्रभावित करते थे।
मामूली लेकिन जरूरी मुद्दे:
पितृत्व अवकाश (Paternity Leave), ट्रैफिक जाम, और हवाई अड्डों पर महंगे समोसे जैसे मुद्दों पर वे मुखर रहे।
गिग वर्कर्स के नायक:
उन्होंने 10 मिनट की डिलीवरी के खिलाफ आवाज उठाई और खुद एक दिन के लिए Blinkit डिलीवरी पार्टनर बनकर जमीनी हकीकत जानी।
Gen Z पार्टी का विचार:
उनकी शादी बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से हुई, जिससे उनकी ग्लैमरस और सुलभ राजनेता की छवि और मजबूत हुई।
बदल गया समर्थन का रुख
चड्ढा को अनफॉलो करने वालों में केवल सामान्य यूजर्स ही नहीं, बल्कि नामी हस्तियां भी शामिल हैं। इनमें पर्वतारोही रोहताश खिलेरी का नाम प्रमुख है, जिन्होंने हाल ही में यूरोप के माउंट एल्ब्रस पर रिकॉर्ड बनाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चड्ढा ने जिस ‘जेनरेशन Z’ के दम पर अपनी साख बनाई थी, वही अब उनसे सबसे ज्यादा नाराज है।
क्या फिर से लौटेगी लोकप्रियता?
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आंकड़ों और तथ्यों के साथ बात करने वाले राघव चड्ढा भाजपा के खेमे में रहकर युवाओं के बीच अपनी वही साख दोबारा कायम कर पाएंगे। फिलहाल, डिजिटल दुनिया में उनकी ‘सुलभ राजनेता’ वाली छवि को एक बड़ा धक्का लगा है।

