टेलीग्राम बैन पर भड़के पावेल ड्यूरोव, बोले- 15 करोड़ लोगों को सजा मिली, दोषी बच निकले
Pavel Durov On Telegram Block: NEET परीक्षा के मद्देनजर भारत में 22 जून तक Telegram ऐप पर प्रतिबंध लगने के बाद, कंपनी के संस्थापक और सीईओ पावेल दुरोव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया जारी की है। वे इस प्रतिबंध से बेहद नाराज नजर आए। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने लिखा कि यह सजा भारत के 15 करोड़ Telegram उपयोगकर्ताओं के लिए है, न कि उन लोगों के लिए जिन्होंने परीक्षा मटीरियल लीक किया था। टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून तक है, जबकि मैसेज एडिट करने की सुविधा को देश में 30 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है। टेलीग्राम की छवि पहले से ही अच्छी नहीं रही है, इस रोक से कहीं ना कहीं यह संदेश मिला है कि ऐप पर अनचाही गतिविधियां होती हैं।

X पर क्या लिखा पावेल ड्यूरोव ने?
पावेल दुरोव ने कुछ समय पहले X पर लिखा था कि भारत के आईटी मंत्रालय ने टेलीग्राम ऐप को एक सप्ताह के लिए प्रतिबंधित कर दिया है क्योंकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कर दिए थे। यह कदम भारत में मौजूद 15 करोड़ से अधिक आम टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं को दंडित करता है, न कि उन अंदरूनी लोगों को जिन्होंने एग्जाम का मटेरियल लीक किया था। पिछले कुछ हफ्तों में हमने भारत में लीक हुए परीक्षा मटीरियल और उससे जुड़े घोटालों को शेयर करने वाले सैकड़ों चैनल्स को हटा दिया है। हम ‘एडिटेड’ लेबल को और स्पष्ट दिखाने पर काम कर रहे हैं, ताकि पुरानी तारीख दिखाकर किए जाने वाले फ्रॉड को रोका जा सके। टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना एक बड़ी भूल है।
जानिए पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद टेलीग्राम ने क्या एक्शन लिया था
NEET UG परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद, टेलीग्राम ने भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग किया। कंपनी ने पेपर लीक से संबंधित जानकारी साझा करने वाले कई चैनलों और समूहों को हटा दिया। पिछले कुछ हफ्तों में इस एक्शन की मदद से कई ऐसे ग्रुप भी सामने आए थे जो फर्जी पेपर लीक रैकेट चला रहे थे।
जानिए NTA ने यह कदम क्यों उठाया
NTA के अनुसार, टेलीग्राम पर लगभग एक महीने तक निगरानी रखी गई। इस दौरान यह पता चला कि टेलीग्राम पर “पेपर लीक नीट” जैसे चैनल अभी भी बनाए जा रहे थे, जिससे छात्रों में भय का माहौल बन रहा था। इसके अलावा, परीक्षा के समय, टेलीग्राम पर कई पेपर लीक करने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं और अपना धंधा चलाते हैं। एजेंसी को आशंका थी कि पेपर लीक करने का प्रयास किया जा सकता है, इसलिए NTA को यह कदम उठाना पड़ा। (एजेंसी)

