जीविका दीदियों से 2.50 करोड़ की ठगी का आरोप, मुजफ्फरपुर में दक्ष संस्था संचालक गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर: ₹2.5 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें मशरूम उत्पादन क्लस्टर के जरिए ‘जीविका दीदियों’ (जीविका आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं) को ‘लखपति’ (सालाना ₹1 लाख से ज़्यादा कमाने वाली) बनाने का वादा किया गया था। मुजफ्फरपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार कर लिया है, जो ‘दक्ष’ (Daksha) संस्था के डायरेक्टर हैं। ग्रामीण SP राजेश सिंह प्रभाकर ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की जानकारी दी। ग्रामीण SP ने बताया कि आरोपी ने बोचहां और मुशहरी इलाकों की सैकड़ों जीविका दीदियों को स्वरोजगार के मौकों और मशरूम उत्पादन क्लस्टर से जोड़ने का झूठा वादा करके लुभाया था।
जीविका दीदियों से की ठगी
इस दौरान दीदियों से विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराया गया। ग्रामीण एसपी के अनुसार, लोन की राशि जीविका दीदियों को उपलब्ध कराने के बजाय आरोपी ने अपनी संस्था के खातों में ट्रांसफर करा ली। इसके बाद दीदियों को स्वरोजगार या मशरूम उत्पादन शुरू करने के लिए राशि नहीं दी गई।
दक्ष संस्था आशुतोष मंगलम गिरफ्तार
महिलाओं को लोन की किस्तें न चुका पाने के कारण बैंकों से नोटिस मिलने लगे, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हुई। शिकायतों के बाद, पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई। शुरुआती जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में अब तक लगभग ₹2.5 करोड़ की धोखाधड़ी का पता चला है। आरोपी से पूछताछ के अलावा, पुलिस जुड़े हुए बैंक खातों और दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ढाई करोड़ की ठगी से मचा हड़कंप
प्रभावित ‘जीविका दीदियां’ लंबे समय से आरोपी की गिरफ्तारी, अपने नाम पर लिए गए लोन से राहत और ‘नो-ड्यूज’ सर्टिफिकेट जारी करने की मांग कर रही थीं। इस संबंध में, ग्रामीण SP ने कहा कि मामले की आगे जांच चल रही है और धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। (एजेंसी)

