नेपाल–भारत संबंधों में नई गर्माहट, बालेन शाह की कूटनीतिक पहल से बढ़ी हलचल
India Nepal Relations: नेपाल की नई राजनीतिक व्यवस्था और भारत के साथ उसके संबंधों में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब हाल ही में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने भी नई दिल्ली की यात्रा कर चुके हैं। कम समय के भीतर नेपाल से दो उच्चस्तरीय नेताओं का भारत पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि काठमांडू की नई सत्ता व्यवस्था भारत के महत्व को अच्छी तरह समझ रही है और दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा देने की कोशिश कर रही है।
नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला आधिकारिक मंत्रीस्तरीय भारत दौरा है। इससे पहले सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने ने नई दिल्ली आकर भारतीय नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा की थी। अब विदेश मंत्री शिशिर खनाल का दौरा इस संवाद को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सत्ता संभालने के बाद पारंपरिक राजनीतिक शैली से अलग कार्यप्रणाली अपनाई है। उन्होंने साफ किया है कि वह शुरुआती दौर में घरेलू शासन, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक चुनौतियों पर अधिक ध्यान देंगे। साथ ही उन्होंने पहले वर्ष में विदेश यात्राओं से दूरी बनाने का भी फैसला किया। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नेपाल ने अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी भारत से दूरी बनाई है। इसके उलट, बालेन शाह सरकार लगातार अपने प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों को नई दिल्ली भेजकर संवाद की प्रक्रिया को मजबूत करती दिखाई दे रही है।
नेपाल की सत्ता में नई पीढ़ी
नेपाल की राजनीति में उभर रही नई पीढ़ी भी इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नेपाल की संसद में बड़ी संख्या में युवा सांसद हैं और वे पारंपरिक राजनीति से अलग सोच रखते हैं। इसके बावजूद भारत के साथ रिश्तों को लेकर नेपाल के नए नेतृत्व ने व्यावहारिक रुख अपनाया है। यही वजह है कि सरकार बनने के कुछ ही समय बाद भारत के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर संपर्कों की गति बढ़ी है।
रवि लामिछाने की हालिया भारत यात्रा को इसी संदर्भ में देखा गया। उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व के अन्य वरिष्ठ नेताओं से हुई थी। इन बैठकों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई. यह यात्रा इस बात का संकेत थी कि नेपाल का नया नेतृत्व भारत के साथ भरोसेमंद और सक्रिय संवाद बनाए रखना चाहता है।
अब विदेश मंत्री शिशिर खनाल की यात्रा इस प्रक्रिया को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है। विदेश नीति के स्तर पर यह संदेश भी महत्वपूर्ण है कि नेपाल की नई सरकार भारत के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने को प्राथमिकता दे रही है। दक्षिण एशिया की राजनीति में भारत और नेपाल के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक आधार पर भी
भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल का नया नेतृत्व यह समझता है कि आर्थिक विकास, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और संपर्क परियोजनाओं के लिए भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर भारत भी नेपाल में उभर रही नई राजनीतिक पीढ़ी के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है। हाल के वर्षों में चीन ने नेपाल में अपनी आर्थिक और राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन इसके बावजूद भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक अहमियत को नजरअंदाज करना किसी भी नेपाली सरकार के लिए आसान नहीं है। यही कारण है कि नई राजनीतिक सोच के साथ सत्ता में आए बालेन शाह भी भारत के साथ रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार संवाद का रास्ता चुन रहे हैं।
विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत दौरा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह दौरा संकेत देता है कि नेपाल की नई सरकार घरेलू स्तर पर भले ही नई शैली और नए प्रयोगों के साथ आगे बढ़ रही हो, लेकिन भारत के साथ मजबूत और स्थिर रिश्तों को वह अपनी प्राथमिकताओं में शामिल रखे हुए है। कम समय में नई दिल्ली के लिए दो बड़े राजनीतिक संदेशवाहकों का आना इस बात का प्रमाण है कि बदलते नेपाल को भी भारत की अहमियत का पूरा एहसास है। (एजेंसी)

