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‘मैसेज भेजा, दो बार सुधारा और मिटा दिया…’ CM मोहन यादव को धमकी देने वाले शातिर को भोपाल पुलिस ने मुंबई से उठाया

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आपातकालीन सेवा डायल-112 पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाया जा रहा है, जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे कड़ाई से पूछताछ करेंगी।

दो बार एडिट किया मैसेज, फिर साक्ष्य मिटाने की कोशिश

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने मुख्यमंत्री को निशाना बनाते हुए पुलिस हेल्पलाइन नंबर डायल-112 के सिस्टम पर सीधा धमकी भरा संदेश भेजा था। शातिर ने अपने संदेश को भेजने के दौरान दो बार एडिट (संशोधित) भी किया। इसके बाद गिरफ्तारी और तकनीकी सर्विलांस से बचने की नीयत से उसने बातचीत का वह मैसेज डिलीट कर दिया। हालांकि, कंट्रोल रूम के डेटाबेस में लॉग दर्ज होते ही सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया।

भोपाल साइबर सेल ने मुंबई में ट्रैक की लोकेशन

कंट्रोल रूम पर मैसेज फ्लैश होते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मामला दर्ज कर साइबर सेल को अलर्ट किया। तकनीकी जांच टीम ने उस मोबाइल नंबर और आईपी अड्रेस का रियल-टाइम डेटा निकाला, जिससे मैसेज भेजा गया था। लोकेशन मुंबई में ट्रेस होते ही भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम महाराष्ट्र रवाना की गई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा गया।

मोबाइल फोन जब्त, डिलीट डेटा रिकवर करने में जुटी फॉरेंसिक टीम

पुलिस ने आरोपी के पास से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल हैंडसेट जब्त कर लिया है। फोन से हटाए गए संदेशों, कॉल हिस्ट्री और अन्य संपर्कों को दोबारा हासिल करने के लिए मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि धमकी के पीछे आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था— क्या वह किसी साजिश का हिस्सा था या फिर किसी मानसिक खुन्नस के तहत उसने ऐसा कदम उठाया।

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