जयपुर के खो नागोरियान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 4 लोगों की दर्दनाक मौत
Jaipur News : मंगलवार दोपहर राजधानी जयपुर के खो नागोरियन इलाके में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दुखद घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग झुलस गए और उन्हें गंभीर हालत में SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों के अनुसार, आग इतनी तेज़ी से फैली कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलने या प्रतिक्रिया देने का मौका तक नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं और दमकल की गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंची। यह एक पटाखा निर्माण इकाई है, इसलिए आग लगने के साथ ही भीतर रखे बारूद और तैयार पटाखों में लगातार सिलसिलेवार धमाके होने की बातें भी सामने आ रही हैं। धमाकों की गूंज और लगातार उठते काले धुएं की वजह से बचाव दल को शुरुआत में परिसर के भीतर दाखिल होने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की तरफ भागते हुए देखे गए।
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आग की चपेट में आने से 4 कर्मचारियों की मौत
खो नागोरियन में पटाखे की इस फैक्ट्री में लगी आग के बाद, सबसे चिंता की बात वहाँ काम करने वाले मज़दूरों की सुरक्षा थी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री के अंदर कई स्थानीय और दूसरे राज्यों से आए दैनिक मज़दूर काम कर रहे थे। आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को देखते ही देखते अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कुछ श्रमिकों के अंदर ही फंसे रह गए। इस अग्निकांड में मलबे और आग की चपेट में आने से 4 श्रमिकों की मृत्यु हो गई।
आसमान में छाए काले धुएं के गुबार
खो नागोरियान इलाके में लगी आग की तीव्रता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उससे निकलने वाला काला धुआं 2 से 3 किलोमीटर दूर से भी आसमान में साफ़ दिखाई दे रहा था। जयपुर नगर निगम और मुख्य फायर स्टेशन से तुरंत दमकल की गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर भेजे गए। दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार पानी और फोम की बौछारें की और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
राहत और बचाव कार्य दी पहली प्राथमिकता
राहत और बचाव कार्य सबसे ज़रूरी थे। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि उनका मुख्य और एकमात्र मकसद मलबे या धुएं में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना था। हताहतों की सही संख्या का पता आग पूरी तरह बुझने और तलाशी अभियान खत्म होने के बाद ही चल सकता था। हालांकि, घटना की सही वजह अभी पता नहीं चल पाई है।प्रारंभिक तौर पर कयास लगाए जा रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट या बारूद के रखरखाव में हुई किसी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है। (एजेंसी)

