गर्भगृह के सामने 30 मिनट तक बवाल! 50 उपद्रवियों ने मचाया तांडव, महाकाल मंदिर में सुरक्षाकर्मियों को पीटा
उज्जैन। उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग दरबार में बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इंदौर से आए कावड़ियों ने नंदीहाल में जमकर उपद्रव मचाया। विशेष दर्शन व्यवस्था के बावजूद 50 से 60 की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बैरिकेड तोड़ डाले और रोकने पर सुरक्षाकर्मियों के साथ गंभीर मारपीट की। इस हिंसक घटना में आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल इंदौर के जिला मंत्री सचिन मराठा सहित कई आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
नगाड़ा द्वार से जबरन घुसे, नंदीहाल में मचाया उत्पात
सावन माह को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने कावड़ यात्रियों के लिए नंदीहाल के बैरिकेड्स के पास से सबसे आगे दर्शन की विशेष व्यवस्था की थी। दोपहर करीब 2:30 बजे काले रंग की शर्ट पहने 50 से अधिक कावड़ यात्री नगाड़ा द्वार से भीतर दाखिल हुए। आम श्रद्धालुओं को धक्का देते हुए ये लोग सीधे नंदीहाल के अंदर कूदने का प्रयास करने लगे। जब निजी सुरक्षा एजेंसी के जवानों ने इन्हें रोका, तो भीड़ ने बैरिकेड्स उखाड़कर गार्डों पर गिरा दिए और दानपेटी को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। यह उपद्रव करीब आधे घंटे तक चला, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
सुरक्षा गार्ड का पैर फ्रैक्चर, साथी का सिर फूटा
घटना में घायल निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड रोहित ने आपबीती बताते हुए कहा कि डाक कावड़ लेकर आए बजरंग दल के 50-60 लोगों को जब रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने सीधे हमला कर दिया और बैरिकेड उनके ऊपर गिरा दिया। हमले में रोहित का पैर फ्रैक्चर हो गया है, जबकि उनके साथी गार्ड का सिर फूट गया। दो गंभीर घायल कर्मचारियों का उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है, जबकि 4 अन्य को प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
मंदिर समिति का सख्त रुख, कई धाराओं में FIR दर्ज
महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने स्पष्ट किया कि दर्शन के नाम पर नंदीहाल में उपद्रव और कर्मचारियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने विहिप-बजरंग दल के इंदौर जिला मंत्री सचिन मराठा और अन्य उपद्रवियों के खिलाफ BNS की धारा 191(2), 115(2), 296(b), 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

