Wed. Aug 26th, 2026

‘ट्रंप फूफा का क्या भरोसा…’ अमेरिकी वीजा पर कैलाश विजयवर्गीय का मजेदार तंज; शक्कर और इंदौर के विकास पर भी रखी बेबाक राय

इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को अपने गृह नगर इंदौर में एक बार फिर अपने चिर-परिचित बेबाक और चुटीले अंदाज में नजर आए। अमेरिकी नीतियों से लेकर व्यक्तिगत स्वास्थ्य और शहर के पर्यावरण तक, विजयवर्गीय ने हर मुद्दे पर दो-टूक और दिलचस्प राय रखी।

अमेरिका के वीजा नियमों पर ‘ट्रंप फूफा’ वाला तंज

अमेरिका द्वारा भारतीयों के वीजा नियमों में की गई सख्ती को लेकर जब पत्रकारों ने सवाल किया, तो विजयवर्गीय ने कूटनीतिक जवाब देने के बजाय माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया।

उन्होंने ठहाका लगाते हुए कहा कि अरे, हमारे ट्रंप फूफा का क्या भरोसा! वो सुबह क्या करेंगे और शाम को क्या करेंगे, यह पूरी दुनिया में किसी को नहीं पता। उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर वे अभी कोई गंभीर बयान दे दें और शाम को ट्रंप पलट जाएं, तो उनकी ही बात गलत हो जाएगी, इसलिए इस पर कोई गंभीर टिप्पणी न करना ही समझदारी है।

सेहत की पाठशाला: ’40 की उम्र के बाद नो शुगर’

शक्कर की कीमतों और स्वास्थ्य पर बात करते हुए उन्होंने एक अहम सलाह दी:

बच्चों को सस्ती, बड़ों को दूरी: विजयवर्गीय ने कहा कि शक्कर अगर महंगी होती है तो हर्ज नहीं, लेकिन बच्चों के लिए यह सस्ती और नियंत्रित दरों पर मिलनी चाहिए।

गुड़ है बेहतर: उन्होंने 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को मीठे से दूरी बनाने की नसीहत देते हुए कहा कि 40 पार करने के बाद शक्कर का सेवन पूरी तरह छोड़ देना चाहिए और आयुर्वेद के अनुसार गुड़ का इस्तेमाल करना चाहिए।

कविता पाटीदार की भावुकता पर बचपन की यादें

बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री बनने के बाद कविता पाटीदार द्वारा मंच पर उनके पैर छूने और भावुक होने के वीडियो पर विजयवर्गीय ने पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे युवा मोर्चा में थे, तब स्वर्गीय भेरूलाल पाटीदार के घर महू जाते थे। उस समय कविता बहुत छोटी थीं और कंधे पर स्कूल का बस्ता लेकर चलती थीं। उन्होंने कहा कि उस बच्ची को आज राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व पर पहुंचते देखना संगठन और उनके लिए गर्व का विषय है।

 ‘क्लीन इंदौर’ के बाद अब ‘ग्रीन इंदौर’ का महा-संकल्प

शहर की स्वच्छता के बाद अब पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने नया विजन साझा किया:

लाखों पौधों का लक्ष्य: सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 20 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर एक लाख से अधिक करने का लक्ष्य है।

सख्त चेतावनी: विकास कार्यों के दौरान री-प्लांट किए गए पेड़ों के सूखने पर उन्होंने नगर निगम और IDA को साफ हिदायत दी कि अगर एक भी पेड़ खराब होता है, तो उसकी भरपाई के लिए 10 नए पेड़ लगाने होंगे।

About The Author