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महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ की आज रायपुर कोर्ट में पेशी, ओमान से भारत लाई सीबीआई

Raipur News: सीबीआई की एक विशेष टीम ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्रकार को रविवार शाम ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया। उन्हें सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों के समन्वय से ओमान से यह प्रत्यर्पण संभव हो पाया। भारत पहुंचने पर सुरक्षा अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।

अदालत में पेशी और रिमांड प्रक्रिया

देश में पहुंचने पर आरोपी का मेडिकल परीक्षण किया गया। इसके बाद जांच टीम अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे रायपुर ले जाएगी। सौरभ को सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं जिनमें जांच एजेंसी पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी एक अलग मामले में उसके खिलाफ अभियोग दर्ज कराया है।

रेड कॉर्नर नोटिस से हुई गिरफ्तारी

अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर आरोपी को ओमान में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय ने भारतीय एजेंसियों की सहायता से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाई। ओमान के संबंधित विभागों के सहयोग से आरोपी को भारत लाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर, सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। सीबीआई ने इसे देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोहों में से एक बताया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह नेटवर्क भारत के बाहर से पैनलों और फ्रेंचाइजी के माध्यम से संचालित किया जाता था। इन पैनलों के जरिए उपयोगकर्ता क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर दांव लगा सकते थे।

एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से अर्जित धन को कई फर्जी (दूसरे लोगों के नाम पर) बैंक खातों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया, कई लेन-देन किए गए और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजा गया। यह भी आरोप है कि इस नेटवर्क को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए सरकारी अधिकारियों को भी रिश्वत दी गई थी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं और छत्तीसगढ़ जुआ (निषेध) अधिनियम के तहत दायर आरोपपत्र में चंद्रकर मुख्य आरोपियों में से एक है। जांच के दौरान, ईडी ने भारत और विदेश में उसकी संपत्तियों को भी जब्त कर लिया है। सीबीआई ने कहा कि यह प्रत्यर्पण अन्य केंद्रीय एजेंसियों और अंतरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के समन्वय से, ओमान के अधिकारियों की सहायता से किया गया।

हवाला के जरिये अवैध धन का लेनदेन

केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक के माध्यम से विदेश से एक विशाल अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच में पता चला कि इस सट्टेबाजी से प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी। (एजेंसी)

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