Sat. Jun 13th, 2026

Jaipur Fire Incident: रिहायशी इलाके में चल रहे अवैध पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग, 8 लोगों की दर्दनाक मौत

Jaipur Fire Incident: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार की सुबह एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ के खो-नागोरियन थाना क्षेत्र स्थित आयशा नगर की तलाई कॉलोनी में एक मकान में चल रहे कथित अवैध पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में हुए इस धमाके के बाद पूरी कॉलोनी में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया।

लपटों से घिरे मजदूर जान बचाने सड़क पर भागे

जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि हादसे में झुलसे 5 लोगों की मौत सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। इसके अलावा दो अन्य लोगों ने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।

चश्मदीदों की खौफनाक दास्तां: घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि मकान के अंदर काम कर रहे मजदूर आग की लपटों से घिरे हुए बाहर निकले। दर्द से चीखते हुए कुछ मजदूर सड़क पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन पर मोटा कपड़ा डाला और पानी छिड़ककर आग बुझाने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल भेजा गया।

पुलिस के अनुसार, 8 मृतकों में से 7 की पहचान कर ली गई है। इनके नाम समीर, आजिम, नासिर, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ हैं, जबकि एक अन्य मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

रिहायशी इलाके में बारूद का खेल; प्रशासन पर उठे सवाल

जयपुर के पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि प्राथमिक दृष्टि से यह साफ है कि आवासीय क्षेत्र में स्थित इस मकान का इस्तेमाल अवैध रूप से पटाखों के गोदाम के रूप में किया जा रहा था। मौके से एक नामी पटाखा ब्रांड का लेबल भी बरामद हुआ है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि फॉरेंसिक (FSL) जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मकान में रखा बारूद किस तरह का था। मकान मालिक और इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, घटना की सूचना मिलते ही सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे किशनपोल के विधायक अमीन कागजी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आखिर पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी कि घनी बस्ती के बीच इतनी बड़ी पटाखों और बारूद की अवैध फैक्टरी संचालित की जा रही थी? लोग डर के मारे खुलकर बोल नहीं रहे हैं, लेकिन इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।”

“सिलेंडर ब्लास्ट जैसी आई आवाज”

पड़ोस में रहने वाले स्थानीय निवासी लियाकत ने बताया कि आग लगने से ठीक पहले एक बहुत तेज धमाका हुआ, जो बिल्कुल सिलेंडर फटने जैसा था। धमाके के तुरंत बाद गगनचुंबी लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने पानी का टैंकर मंगवाकर पाइप के जरिए आग बुझाते हुए अंदर घुसने की कोशिश की और तीन-चार लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकाला।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट युगांतर शर्मा ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। फिलहाल फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है और गोदाम के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों को सत्यापित किया जा रहा है।

सीएम भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत ने जताया शोक

इस भीषण हादसे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “खो-नागोरियन क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना में जनहानि की खबर बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता से जुटने, घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश जारी किए गए हैं।”

इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है। गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले चार महीने के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है; इससे पहले फरवरी में अलवर के भिवाड़ी में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 7 लोगों की जान चली गई थी।

About The Author