‘सरकार के इशारे पर काम कर रहा आयोग’: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का जन-महाभियोग
नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ने चुनावी निष्पक्षता और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपना मोर्चा और तेज कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित सांकेतिक ‘जन-महाभियोग’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीधा हमला बोलते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग उठाई। खरगे ने आरोप लगाया कि देश के नागरिकों को संविधान से मिला मताधिकार आज सीधे खतरे में है।
मीरा कुमार ने की अध्यक्षता, मतदाता सूची में कटौती पर उठाए सवाल
इस सांकेतिक जन-महाभियोग कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की। सभा की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के देश भर में करोड़ों नागरिकों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। जब इस विसंगति को लेकर आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, तो कोई जवाबदेही तय नहीं होती। उन्होंने कहा कि इसी गैर-जिम्मेदाराना रवैये के विरोध में इंडिया गठबंधन ने यह जन-अदालत बुलाई है, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक महाभियोग चलाकर उन्हें हटाने का प्रस्ताव रखा जा सके। इसके बाद उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे को औपचारिक रूप से वक्तव्य और प्रस्ताव रखने के लिए आमंत्रित किया।
सरदार पटेल और इंदिरा गांधी के योगदान का स्मरण
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण की शुरुआत देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि दोनों ही दिग्गज नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन समर्पित किया और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत आधार दिया।
‘आर्टिकल 326 पर वार, पीएम-गृहमंत्री के निर्देश पर काम कर रहा आयोग’
खरगे ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत नागरिकों को मिला मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। आजादी की लड़ाई के महानायकों महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने कड़े संघर्ष के बाद देश को यह लोकतांत्रिक अधिकार सौंपा था। बाबा साहेब ने हमेशा कहा था कि वोट आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत है, जिसके जरिए सरकारें बनाई और बदली जाती हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष संस्था के प्रमुख के रूप में काम करने के बजाय प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के निर्देशों पर आयोग का संचालन कर रहे हैं। खरगे ने दो टूक शब्दों में कहा कि नागरिकों के इस बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार को बचाने के लिए विपक्ष जनता के बीच जाकर हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।

