छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज, गर्मी बढ़ी लेकिन मानसून समय से पहले आने के संकेत
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर तेजी से बदलता नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में गर्मी का असर दोबारा बढ़ गया है। पहले जहां बादल और हल्की बारिश से राहत मिल रही थी, वहीं अब तेज धूप ने तापमान में बढ़ोतरी शुरू कर दी है।
कई शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार
सिस्टम कमजोर होते ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी तेज हो गई है। रायपुर में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और बिलासपुर में 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री और बढ़ सकता है, हालांकि हवा में नमी होने से लू चलने की संभावना कम है।
रात में बढ़ेगी उमस, दिन से ज्यादा असहज रातें
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में हवा में नमी का स्तर और बढ़ सकता है। इसका असर यह होगा कि रात के समय उमस अधिक महसूस होगी और लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। गर्म हवाओं की बजाय नमी वाली हवाएं मौसम को और असहज बना देंगी।
मई के अंत में मिल सकती है प्री-मानसून राहत
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम के कारण मई के अंत तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं जैसी प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने और गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
7 से 10 जून के बीच मानसून पहुंचने का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है और सामान्य गति से आगे बढ़ने पर यह मध्य भारत में जल्दी दस्तक दे सकता है। इसी आधार पर अनुमान लगाया गया है कि इस बार 7 से 10 जून के बीच मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है, जो सामान्य तिथि 13 जून से पहले है।
पिछले साल की तुलना में बेहतर शुरुआत के संकेत
पिछले वर्ष मानसून ने 27 मई को दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया था, लेकिन सक्रिय होने में समय लगा था। इस बार शुरुआती मौसम संकेत अधिक मजबूत बताए जा रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि मानसून का असर इस बार तेजी से दिखाई देगा।

