महाराष्ट्र के नासिक में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.6 रही तीव्रता
Maharashtra Earthquake: आज सुबह (23 नवंबर) महाराष्ट्र के नासिक में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। ये झटके सुबह करीब 4:00 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नासिक से 89 किलोमीटर पश्चिम में, ज़मीन की सतह से 5 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।जब भूकंप आया, तो ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। सोए होने के कारण, कई लोगों को इसका पूरी तरह से पता नहीं चला, हालांकि कुछ इलाकों के लोगों ने झटके महसूस किए। हाल ही में भूकंप आने की संख्या बढ़ गई है। इंडोनेशिया में आए हालिया भूकंप में सैकड़ों लोगों की जान चली गई।
सुबह 9:55 बजे महसूस किए गए भूकंप के झटके
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप शनिवार, 25 जुलाई 2026 को सुबह 09:55:26 बजे दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। हालांकि यह कम से मध्यम तीव्रता का भूकंप था, लेकिन इसके झटके साफ महसूस किए गए, जिससे कई लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
एक दिन पहले भी लद्दाख में महसूस किए गए भूकंप के झटके
इससे पहले मंगलवार को लद्दाख के करगिल में भी 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप सुबह 10:05 बजे आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि भूकंप का केंद्र करगिल से 191 किलोमीटर उत्तर में था। हालांकि, भूकंप से किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
वहीं 12 नवंबर को दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके दिल्ली-NCR के साथ-साथ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी महसूस किए गए। भूकंप के ये झटके शाम 7:57 बजे आए और रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र नेपाल में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इससे तीन दिन पहले भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिनका केंद्र भी नेपाल में ही था।
भूकंप आने की वजह?
दरअसल भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेटों का आपस में टकराना है। ऐसी सात प्लेटें हैं जो लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी खास जगह पर टकराती हैं, तो एक ‘फॉल्ट लाइन जोन’ बनता है, जिससे सतह के किनारे मुड़ जाते हैं या उनका आकार बिगड़ जाता है। इस बदलाव से दबाव बनता है, जिससे प्लेटों में दरारें आ जाती हैं या वे टूट जाती हैं। जैसे ही प्लेटें टूटती हैं, उनके अंदर फंसी ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता ढूंढती है, जिससे जमीन हिलने लगती है—इसी घटना को आम तौर पर भूकंप कहा जाता है। (एजेंसी)

