Wed. Apr 29th, 2026

E85 Petrol Plan: पेट्रोल में 85% एथेनॉल का रास्ता साफ? सरकार का बड़ा ड्राफ्ट तैयार

E20 के बाद E85 और E100 की तैयारी, सस्ते ईंधन और कम आयात की दिशा में कदम

 

देश में बढ़ती पेट्रोल कीमतों और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। Ministry of Road Transport and Highways ने एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है।

 

इस ड्राफ्ट के अनुसार, अब E85 fuel को शामिल करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें पेट्रोल में 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाएगा। इसके अलावा E100 fuel का भी प्रस्ताव है, यानी भविष्य में गाड़ियां पूरी तरह एथेनॉल पर चल सकेंगी।

 

फिलहाल देश में E20 fuel लागू है, जिसमें पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है। अब सरकार इससे आगे बढ़ते हुए उच्च स्तर की ब्लेंडिंग की दिशा में काम कर रही है।

 

सरकार ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक कमेंट के लिए जारी किया है, यानी आम नागरिक और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी राय दे सकते हैं। सुझावों के आधार पर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।

 

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। ज्यादा एथेनॉल इस्तेमाल होने से विदेशी तेल पर निर्भरता घटेगी, जिससे देश को आर्थिक लाभ होगा। साथ ही, इससे पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि एथेनॉल अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है।

 

ड्राफ्ट में फ्यूल की नई कैटेगरी तय करने का भी प्रस्ताव है। पेट्रोल की पहचान E10/E से बदलकर E10/E20 की जाएगी और E85 व E100 को भी आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बायोडीजल को B10 से बढ़ाकर B100 तक करने की योजना है।

 

हालांकि, इस बदलाव के लिए वाहनों में तकनीकी बदलाव जरूरी होंगे ताकि वे हाई एथेनॉल ब्लेंड पर बेहतर तरीके से चल सकें। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे लागू होगी, लेकिन इससे देश के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

 

इससे पहले केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari भी संकेत दे चुके हैं कि भविष्य में पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों का महत्व कम हो सकता है और देश को वैकल्पिक ईंधनों की ओर तेजी से बढ़ना होगा।

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