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‘पुलिस के सामने फेंके गए अंडे’: TMC सांसद महुआ मोइत्रा के काफिले पर हमला, BJP पदाधिकारियों पर घेराव का आरोप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में बुधवार को उस वक्त नया बवाल खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा के काफिले पर उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर में अंडे फेंके गए। घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई वीडियो साझा किए और आरोप लगाया कि यह हमला आम जनता ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से किया है।

ड्राइवर को डांटकर नीचे कराया शीशा, लगाए ‘TMC जिंदाबाद’ के नारे

सांसद द्वारा जारी वीडियो में दिखा कि वे अपनी कार की पिछली सीट पर बैठकर खुद फोन से रिकॉर्डिंग कर रही थीं। बाहर से लोग उनकी गाड़ी पर लगातार अंडे फेंक रहे थे। वहीं सुरक्षा के लिहाज से जब कार चालक ने खिड़की का शीशा ऊपर चढ़ाने की कोशिश की, तो महुआ मोइत्रा ने उसे डांटते हुए शीशा नीचे ही रखने को कहा ताकि पूरा वाकया कैमरे में दर्ज हो सके। जब एक युवक गाड़ी के बिल्कुल पास दौड़ने लगा, तो महुआ मोइत्रा ने निडर अंदाज में कार की खुली खिड़की से ‘जय तृणमूल कांग्रेस’ और ‘तृणमूल कांग्रेस जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

सुप्रीम कोर्ट के जज को टैग कर कसा तंज

हमले के तुरंत बाद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपांकर दत्ता को सीधे संबोधित करते हुए तीखी पोस्ट लिखी। जिसमें उन्होंने बताया कि जस्टिस दीपांकर दत्ता, माई लॉर्ड आज मैं आधिकारिक रूप से आजाद भारत में एक सांसद और स्वतंत्रता सेनानी, दोनों हूं! बीजेपी के पदाधिकारियों ने मेरी मीटिंग को घेर लिया और जब मैं वहां से निकल रही थी, तब मुझ पर अंडे फेंके। माई लॉर्ड, हमारी संवैधानिक सुरक्षा को बरकरार रखने के लिए आपका धन्यवाद।

एक अन्य वीडियो संदेश में सांसद ने व्यंग्य करते हुए कहा कि पहले स्वतंत्रता सेनानी गोलियों का सामना करते थे, लेकिन अदालती निर्देशों के संदर्भ में आज उन्हें अंडों का निशाना बनना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे पार्टी कार्यालय में बैठक कर रही थीं, तभी बीजेपी के नवनिर्वाचित मंडल सभापति, पंचायत समिति सभापति, उपसभापति और अन्य कार्यकर्ता वहां आ धमके।

‘सुरक्षा के बावजूद मूकदर्शक बनी रही पुलिस’

महुआ मोइत्रा ने स्थानीय कानून व्यवस्था और पुलिस बल पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशानुसार उनके साथ सुरक्षा कर्मी मौजूद थे, इसके बावजूद पुलिस के सामने ही उपद्रवियों ने अंडे बरसाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा और उन्हें सुरक्षा देने या उपद्रवियों को पकड़ने के बजाय जबरन गाड़ी में बैठाकर मौके से रवाना कर दिया। सांसद ने दो टूक पूछा कि जब उनकी कोई गलती नहीं थी, तो उन्हें वहां से क्यों हटाया गया और पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम अंडे लेकर पहुंचे बीजेपी नेताओं पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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