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मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,काली पट्टी बांधकर पहुंचे विधायक

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के प्रारंभ से पहले, कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार समेत सभी कांग्रेस विधायक काले बैंड बांधकर विधानसभा पहुंचे और सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने और छात्रों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि अगर सदन में पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शन पर चर्चा नहीं हुई तो उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक दल ने विरोध प्रदर्शन करते हुए विधानसभा परिसर और सदन के भीतर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में काली पट्टी बांधी। उन्होंने अखबारों के लीक मामले और राज्य में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जानबूझकर उन मुद्दों पर चर्चा से बच रही है जिनका सीधा असर युवाओं और छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।

विपक्ष के नेता उमंग सिंघर के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक अपने हाथों और बाजुओं पर काली पट्टियां बांधकर विधानसभा पहुंचे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाना अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी इसी मानसिकता को दर्शाती है और सरकार असहमति को दबाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि राज्य में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। इसके बावजूद, सरकार सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने को तैयार नहीं है। विपक्ष का तर्क है कि सरकार को छात्र विरोध प्रदर्शनों और भर्ती परीक्षाओं से संबंधित सवालों के जवाब देने चाहिए।

विधानसभा सत्र के पहले दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि वह सत्र के दौरान छात्रों, युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाएगी। पार्टी ने कहा कि अगर सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करने से बचती रही तो वह विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर अखबार लीक, छात्र विरोध प्रदर्शन और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।(एजेंसी)

 

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