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ग्लोबल मंच पर MP का दम: दुबई में 500 अरबपतियों के बीच सीएम मोहन यादव, अरब देशों से आएगा निवेश!

भोपाल। मध्य प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक दुबई के चार दिवसीय दौरे पर हैं। वे दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन ‘एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग’ में हिस्सा ले रहे हैं। यूएई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के संरक्षण और विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के विशेष आमंत्रण पर हो रही इस यात्रा का मुख्य मकसद राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक साझेदारी आकर्षित करना है।

180 देशों के दिग्गजों के बीच ‘इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश’

एआईएम कांग्रेस दुनिया का सबसे प्रभावशाली निवेश सम्मेलन माना जाता है, जिसमें इस वर्ष 180 से ज्यादा देशों के लगभग 20,000 निवेशक, नीति निर्माता, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और प्रमुख कॉर्पोरेट घराने शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री इस महामंच पर विशेष रूप से आयोजित ‘इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश’ सत्र को संबोधित करेंगे। यह दौरा भोपाल में प्रस्तावित ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत जमीन तैयार करने की पहली बड़ी कड़ी है।

‘टाइकून्स’ बैठक में वैश्विक औद्योगिक घरानों से वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य आकर्षण आमंत्रण-आधारित एक्सक्लूसिव ‘टाइकून्स’ कार्यक्रम है, जहां दुनिया भर के 500 से अधिक वेल्थ फंड्स और फैमिली ऑफिस के प्रमुख मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही सीएम लॉजिस्टिक्स दिग्गज ‘डीपी वर्ल्ड’, वीजा और कॉन्सुलर सर्विसेज की दिग्गज ‘वीएफएस ग्लोबल’, रियल एस्टेट क्षेत्र की शीर्ष कंपनी ‘इमार’, चोयथराम, शराफ ग्रुप और केजीके के नेतृत्व से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। मध्य प्रदेश पवेलियन और ‘एक जिला-एक उत्पाद’  प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य के हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

खाद्यान्न संकट से जूझ रहे खाड़ी देशों को भाया एमपी का एग्री-मॉडल

रणनीतिक लिहाज से यह दौरा प्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। यूएई अपनी खाद्य आवश्यकताओं का 85% से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जहां वर्ष 2024 में 16.2 बिलियन डॉलर का फूड इम्पोर्ट दर्ज किया गया। बड़ी भारतीय आबादी के कारण वहां दाल, अनाज और प्रोसेस्ड फूड की भारी मांग है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार, मध्य प्रदेश देश में दाल और मक्का उत्पादन में अव्वल है, जबकि गेहूं व कुल अनाज उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। देश का 60% सोयाबीन भी मध्य प्रदेश से आता है। इस अपार क्षमता को वास्तविक निर्यात सौदों में बदलने के लिए मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप के चेयरमैन यूसुफ अली एमए के साथ अहम बैठक तय है। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे खरीदार मिलेंगे और फूड प्रोसेसिंग तथा कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश आएगा।

इंदौर, भोपाल और उज्जैन को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय इंफ्रा पार्टनर

दुबई को अत्याधुनिक शहरी विकास का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री का बुर्ज खलीफा दौरा और इमार ग्रुप से चर्चा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे तेजी से बढ़ रहे शहरों में स्मार्ट टाउनशिप, कॉमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर और एफडीआई लाने के उद्देश्य से की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ इस रणनीतिक संवाद से मध्य प्रदेश के शहरी विकास और रोजगार सृजन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

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