देशभर में कल CJP का आंदोलन: सरकार से बोला- औपचारिक नहीं, नतीजे वाली बातचीत चाहिए
नई दिल्ली। पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का फैसला किया है। संगठन ने देशभर के समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील करते हुए कहा है कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद CJP ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वार्ता के लिए निष्पक्ष स्थान तय होना चाहिए और चर्चा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस फैसलों तक पहुंचनी चाहिए।
सरकार से बातचीत पर CJP की शर्तें
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो बैठक किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी नेता के निजी आवास पर बैठक स्वीकार नहीं होगी।
रांका ने कहा कि यदि जंतर-मंतर उपयुक्त नहीं माना जाता, तो सरकार कोई अन्य साझा स्थान प्रस्तावित कर सकती है। उनका कहना था कि संगठन केवल ऐसी बैठक में शामिल होगा, जहां समाधान निकालने की गंभीर मंशा हो।
जंतर-मंतर या संविधान क्लब का दिया सुझाव
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संगठन ने जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसे सार्वजनिक और निष्पक्ष स्थान पर वार्ता का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सीधे संपर्क कर बैठक का समय, स्थान और एजेंडा तय करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल बैठक की घोषणा करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि ठोस निर्णय और जवाबदेही जरूरी है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि केवल नई घोषणाओं से छात्रों की चिंताएं खत्म नहीं होंगी। संगठन का कहना है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय करना और प्रभावी कार्रवाई करना अधिक जरूरी है।
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दिल्ली पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उधर, दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अन्य प्रशासनिक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
आंदोलन जारी रखने का फैसला
CJP ने साफ किया है कि जब तक छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने देशभर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है।

