भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले का हुआ ऐसा हाल! शी जिनपिंग ने गलवान के मास्टरमाइंड जनरल झाओ को पदों से बेदखल किया
बीजिंग। चीनी सेना और सत्ता के गलियारों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक सख्त फैसला लेते हुए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पूर्व शीर्ष कमांडर और प्रमुख राजनीतिक सलाहकार जनरल झाओ जोंग की को उनके पदों से हटा दिया है। जनरल झाओ वही सैन्य रणनीतिकार हैं, जो वर्ष 2017 के डोकलाम विवाद और 2020 में गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुए खूनी टकराव के समय चीनी सेना की वेस्टर्न थिएटर कमांड के चीफ थे।
गलवान में रची थी खूनी साजिश, अमेरिकी रिपोर्ट में हुआ था खुलासा
रिपोर्ट्स के अनुसार मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों का भारी जमावड़ा करने और 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारतीय जवानों पर धोखे से किए गए हमले की साजिश झाओ के इशारे पर ही रची गई थी। बता दें कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने लोहे की कंटीली छड़ों और पत्थरों से हमला किया था, जिसमें 20 भारतीय जांबाज शहीद हुए थे। इस झड़प में चीनी पक्ष को भी भारी नुकसान हुआ था। वहीं इससे पहले 2017 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच चले 72 दिनों के ऐतिहासिक डोकलाम गतिरोध के दौरान भी वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी झाओ के पास ही थी।
क्या है वेस्टर्न थिएटर कमांड का सामरिक रोल?
जनरल झाओ लंबे समय तक पीएलए की वेस्टर्न थिएटर कमांड के सर्वेसर्वा रहे। यह कमांड पूरे तिब्बत और शिनजियांग के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों सहित भारत-चीन की विवादित सीमा पर सैन्य तैनाती, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक कार्रवाइयों को नियंत्रित करती है। भारतीय सीमाओं पर तनाव और घुसपैठ की कोशिशों के पीछे झाओ की आक्रामक रणनीतियों को ही प्रमुख माना जाता था।
शी जिनपिंग का ‘एंटी-करप्शन’ डंडा या आंतरिक गुटबाजी?
चीन में शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर की गई यह कार्रवाई अकेली नहीं है। शी जिनपिंग द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्टाचार निरोधक और अनुशासन अभियान के तहत कई हाई-प्रोफाइल जनरलों को निशाना बनाया जा चुका है। इससे पहले सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) से दो ताकतवर वरिष्ठ जनरलों झांग यूक्सिया और लियू झेनली को भी गंभीर उल्लंघनों के चलते पदों से हटाया गया था।

