राम मंदिर मुद्दे पर गरमाई छत्तीसगढ़ विधानसभा, सत्ता-विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन कई अहम घटनाओं का साक्षी बना। कार्यवाही की शुरुआत पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उनके निधन की जानकारी सदन को दी, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दिवंगत कलाकार के सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल में शिक्षा व्यवस्था और रिक्त पदों पर उठे सवाल
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर प्रश्नकाल के दौरान विधायक लता उसेंडी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में संचालित डी.एड. और बी.एड. पाठ्यक्रमों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में दोनों पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में कुल 265 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 29 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। शेष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया पर सरकार ने दिया जवाब
लता उसेंडी ने भर्ती से जुड़ी शिकायतों और उनकी जांच का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट राज्यपाल को भेजी गई थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट को नस्तीबद्ध कर दिया गया।
उत्कृष्ट विधायक और पत्रकारों का हुआ सम्मान
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उत्कृष्टता अलंकरण की घोषणा भी की।
सत्ता पक्ष से धरमलाल कौशिक को उत्कृष्ट विधायक चुना गया।
विपक्ष की ओर से राघवेंद्र सिंह को यह सम्मान मिला।
प्रिंट मीडिया श्रेणी में पत्रिका के संवाददाता संतराम साहू को उत्कृष्ट पत्रकार चुना गया।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में IBC24 के संवाददाता सौरभ सिंह परिहार और राजेश राज को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर गरमाई राजनीति
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य नारेबाजी करते हुए आमने-सामने आ गए, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।
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दान को लेकर हुई तीखी बहस
बहस के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए कितना आर्थिक सहयोग दिया था।
जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 1 लाख 21 हजार रुपये का दान दिया था। इस बयान के बाद सदन में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
हंगामे के कारण दो बार रुकी कार्यवाही
राम मंदिर मुद्दे पर लगातार जारी शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष को दो अलग-अलग अवसरों पर सदन की कार्यवाही पांच-पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। पहले ही दिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखे तेवर देखने को मिले, जिससे आने वाले दिनों में भी सत्र के हंगामेदार रहने के संकेत मिल गए हैं।
कल सुबह 11 बजे तक सदन की कार्रवाई स्थगित:
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। इस मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामा बढ़ने और लगातार शोर-शराबे के कारण विधानसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। अब विधानसभा की अगली बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे से होगी।

