Tue. Aug 25th, 2026

हाथी चले बाजार’ बयान पर BPSC अधिकारी पर गिरी गाज, CM सम्राट ने दिए निलंबन के आदेश

BPSC Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है। इस वीडियो में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह, शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के आंदोलन के बारे में आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी करते हुए दिख रहे हैं। मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए, डिप्टी सीएम ने सामान्य प्रशासन विभाग को संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

परीक्षा नियंत्रक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया था विवादित बयान

शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) और 70वीं BPSC परीक्षा के उम्मीदवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग को पूरी तरह हटाने और पूरी चयन प्रक्रिया को एक ही चरण में आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों और मांगों को देखते हुए, सोमवार को BPSC कार्यालय में एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि इनमें से किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जब पत्रकारों ने उम्मीदवारों की शिकायतों और गड़बड़ियों के आरोपों के बारे में पूछा, तो परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि उनके दावों में दम है, तो वे सबूतों के साथ कोर्ट जा सकते हैं। इस संदर्भ में, विरोध कर रहे छात्रों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा,  ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ जैसे ही इस बयान का वीडियो सामने आया, छात्रों में आक्रोश फैल गया।

परीक्षा नियंत्रक ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद, BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण जारी किया और खेद व्यक्त किया। राजेश सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल एक आम कहावत का इस्तेमाल किया था, जिसे संदर्भ से हटकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा था। परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी व्यक्ति या परीक्षार्थियों के समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि यदि उनकी बातों से किसी को दुख पहुंचा हो।

तेजस्वी यादव ने आयोग पर साधा निशाना

वीडियो वायरल होने के बाद, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और सरकार तथा बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। तेजस्वी ने कहा कि BPSC में गड़बड़ियों और पेपर लीक की शिकायत कर रहे उम्मीदवारों के लिए ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी संवैधानिक संस्था के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा छात्रों के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्होंने माफी की मांग की। (एजेंसी)

 

About The Author