बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा: चट्टान गिरने से 9 मजदूरों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था जांच के घेरे में
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के दक्षिण तालुक स्थित मदापटना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक पत्थर खदान में बड़ा हादसा हो गया। खदान में काम के दौरान अचानक विशाल चट्टान टूटकर नीचे गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में 9 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बिहार और असम के थे मृतक मजदूर
पुलिस के अनुसार, मृतकों में अधिकांश मजदूर बिहार और असम के रहने वाले थे। सभी मजदूरी के लिए बेंगलुरु आए थे और रोजाना की तरह गुरुवार सुबह भी खदान में पत्थर तोड़ने का काम कर रहे थे। हादसे के बाद मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
40 फीट ऊंचाई से गिरी चट्टान, बचने का नहीं मिला मौका
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय खदान में करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान लगभग 40 फीट ऊंचाई से भारी चट्टान टूटकर नीचे आ गिरी। चट्टान सीधे उन मजदूरों पर गिरी जो खदान के निचले हिस्से में काम कर रहे थे। हादसा इतना अचानक हुआ कि प्रभावित श्रमिकों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर नहीं मिल सका।

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे को हटाया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पूरे खदान क्षेत्र को अस्थायी रूप से सील कर दिया है।
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मुख्यमंत्री ने जताया शोक, घायलों के इलाज के दिए निर्देश
हादसे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
सुरक्षा मानकों की जांच शुरू, लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने खदान संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो खदान संचालकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

