कैश और चेक क्लियरेंस पर लगेगा ब्रेक! हड़ताल और छुट्टियों से बिगड़ेगा गणित, 20 दिनों में 9 दिन बंद रह सकते हैं बैंक
नई दिल्ली। अगर आपका बैंक शाखा जाकर कैश निकालने, चेक क्लियर कराने, डिमांड ड्राफ्ट बनवाने या KYC पूरा करने का कोई जरूरी काम अटका है, तो उसे तुरंत प्राथमिकता पर पूरा कर लें। 10 सितंबर तक कामकाज सुचारू रहने के बाद शुक्रवार यानी 11 सितंबर से रविवार 13 सितंबर तक कई राज्यों और क्षेत्रों में लगातार तीन दिन बैंक शाखाएं बंद रहने वाली हैं। इसके अलावा, यदि बैंक यूनियन और प्रबंधन के बीच मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रस्तावित हड़ताल के चलते लगातार पांच दिन बैंकिंग कामकाज ठप होने की गंभीर आशंका बनी हुई है।
11 से 13 सितंबर: क्यों बंद रहेंगी बैंक शाखाएं?
इस हफ्ते लगातार तीन दिन शाखाओं में काम प्रभावित होने के तीन अलग-अलग कारण हैं:
11 सितंबर (शुक्रवार): जयपुर नगर निगम क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनाव के चलते बैंकों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न बैंक यूनियनों द्वारा 11 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की गई है, जिससे कई राज्यों में काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण रिजर्व बैंक (RBI) के नियमानुसार देशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे।
13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश के चलते देशभर में बैंकिंग शाखाएं बंद रहेंगी।
सितंबर अंत में 5 दिन का महा-शटडाउन: 20 दिनों में 9 दिन संकट
बैंक ग्राहकों के लिए असली चुनौती महीने के आखिरी हफ्ते में सामने आ सकती है। कर्मचारी संगठनों ने मांगें पूरी न होने की स्थिति में 28 से 30 सितंबर तक राष्ट्रव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है:
26 सितंबर (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार (नियमित बैंक अवकाश)
27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश
28, 29 और 30 सितंबर: प्रस्तावित 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
इस स्थिति में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिन बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं। कुल मिलाकर देखें तो आगामी 20 दिनों के भीतर लगभग 9 दिन बैंकिंग सेवाएं आंशिक या पूरी तरह प्रभावित रहने के आसार हैं।
बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
5-डे बैंकिंग की शुरुआत: सभी शनिवारों को अवकाश घोषित कर हफ्ते में केवल 5 दिन कार्यदिवस लागू करने की लंबे समय से चली आ रही मांग।
पुरानी पेंशन (OPS) बहाली: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को हटाकर पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करना और पेंशन का अपडेशन।
समान महंगाई भत्ता (DA): पेंशनभोगियों और सेवारत कर्मियों को समान डीए का लाभ देना।
नई भर्तियां और ग्रेच्युटी: शाखाओं में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती और ग्रेच्युटी सीमा में वृद्धि।
PLFI नियमों की वापसी: स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों पर लागू परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLFI) वापसी के फैसलों को रद्द करना।
डिजिटल सेवाएं रहेंगी उपलब्ध, लेकिन रखें पर्याप्त नकदी
बैंक शाखाएं बंद रहने पर भी यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। हालांकि, लगातार छुट्टियों और हड़ताल के चलते स्थानीय एटीएम में कैश की किल्लत पैदा हो सकती है, इसलिए आपात स्थिति से बचने के लिए जरूरी नकदी पहले से अपने पास सुरक्षित रखना बेहतर होगा।

