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कोलंबो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अहम कूटनीति: राष्ट्रपति दिसानायके से की उच्चस्तरीय वार्ता, हिंद महासागर की सुरक्षा पर बनी सहमति!

कोलंबो/नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने तीन दिवसीय श्रीलंका दौरे के दौरान कोलंबो में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और जनता के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश और कार्यकाल की बधाई

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति दिसानायके को शुभकामनाएं दीं और श्रीलंकाई सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर बातचीत को बेहद गर्मजोशी भरी और उपयोगी बताते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका सिर्फ पड़ोसी देश नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच गहरी सभ्यतागत और समुद्री साझेदारी है। बैठक में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भारतीय समुदाय को बताया दोनों देशों के बीच का सेतु

इससे पहले कोलंबो पहुंचे रक्षा मंत्री ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों से संवाद किया। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को मजबूती देने में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि श्रीलंका जब भी किसी संकट का सामना करेगा, भारत एक सच्चे और भरोसेमंद मित्र के रूप में उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

‘Neighbourhood First’ और MAHASAGAR विजन पर फोकस

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह का यह दौरा दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत रक्षा और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हुआ है। भारत ने पूर्व में श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय और मानवीय मदद दी थी, साथ ही 2025 में चक्रवात डिटवाह के दौरान भी त्वरित राहत सामग्री पहुंचाई थी। यह सहयोग भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और प्रधानमंत्री मोदी के MAHASAGAR विजन को रेखांकित करता है, जिसका मुख्य लक्ष्य पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

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