जमानत के 4 दिन बाद भी जेल में आसाराम, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- ‘ऐसा क्यों?’
जोधपुर: नाबालिग के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को उच्च न्यायालय से जमानत मिले चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। उच्च न्यायालय ने जमानत के बावजूद उनकी निरंतर रिहाई के संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि जमानत मिलने के बाद से आसाराम को अभी तक रिहा क्यों नहीं किया गया है।
हाईकोर्ट ने देरी के कारण को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा
सुनवाई के दौरान जोधपुर उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ ने सरकार से देरी का कारण बताने को कहा। आसाराम का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता यशपाल राजपुरोहित ने अदालत को बताया कि जमानत मिलने के बावजूद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गई हैं। परिणामस्वरूप, आसाराम अभी भी जेल में हैं। इसके बाद उच्च न्यायालय ने संबंधित पक्षों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
पहली बार मिली थी पैरोल
अधिवक्ता यशपाल राजपुरोहित का कहना है कि आसाराम को 20 दिनों की पैरोल पहली बार मिली है। इससे पहले, जब भी उन्हें जेल से रिहा किया जाता था, उन्हें चिकित्सकीय आधार पर जमानत दी जाती थी, लेकिन 3 अगस्त को पहली बार उन्हें बिना चिकित्सकीय आधार के 20 दिनों की पैरोल दी गई। कानून कैदियों के कुछ अधिकारों की रक्षा करता है, जिनमें पैरोल भी शामिल है। यदि किसी कैदी का आचरण अच्छा है, तो उसे अपनी सजा का एक चौथाई हिस्सा पूरा करने के बाद पैरोल दी जा सकती है।
औपचारिकता पूरी करने में देरी
जमानत मिलने के बाद, रिहाई के लिए कुछ कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। जेल प्रशासन जमानत की शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों, जमानतदारों और संबंधित मामलों में अदालती आदेशों की स्थिति जैसे पहलुओं की जांच करने के बाद ही रिहाई की प्रक्रिया पूरी करता है। इसलिए, यह भी जांच की जा रही है कि आसाराम की रिहाई में देरी किस प्रक्रिया के कारण हुई। अब जब उच्च न्यायालय ने सरकार से जवाब मांगा है, तो स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। (एजेंसी)

