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अमेजन पर आर्यभट्ट का मजाक उड़ाने का आरोप,हिंदू संगठनों ने की कानूनी कार्रवाई

Amazon Aryabhata Adv: एक हिंदू संगठन ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफ़ॉर्म Amazon के एक विज्ञापन पर आपत्ति जताई है। संगठन का दावा है कि Amazon का एक विज्ञापन प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट को अपमानजनक और मज़ाक उड़ाने वाले अंदाज़ में दिखाता है। इस मामले को लेकर कंपनी को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट की वकील और ‘हिंदू जनजागृति समिति’ की एडवोकेट अमिता सचदेवा द्वारा भेजे गए इस नोटिस में मांग की गई है कि Amazon 48 घंटे के भीतर भारत के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगे और उस विवादित विज्ञापन को तुरंत हटा ले। इसमें साफ़ चेतावनी दी गई है कि अगर ये मांगें पूरी नहीं की गईं, तो Amazon के ख़िलाफ़ आपराधिक और दीवानी (सिविल) कार्रवाई शुरू की जाएगी।

हिंदू संगठन के अनुसार, इस विज्ञापन को लेकर देश भर के देशभक्त नागरिकों में भारी आक्रोश है और सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट अमेज़न’ (#Boycott_Amazon) अभियान तेज़ी से ट्रेंड कर रहा है।

आयभट्ट जैसी वेशभूषा में मजाकिया तंज

यह विवाद ‘अमेज़न नाउ’ के एक विज्ञापन कैंपेन से शुरू हुआ है, जिसमें आर्यभट्ट के वेश में एक व्यक्ति को बहुत ही मज़ेदार और व्यंग्यात्मक अंदाज़ में “ज़ीरो डिलीवरी चार्ज की तलाश करने वाले वैज्ञानिक” के तौर पर दिखाया गया है। नोटिस में कहा गया है कि उस महान, ऋषि-जैसे वैज्ञानिक को—जिन्होंने दुनिया को ‘शून्य’ का अनमोल कॉन्सेप्ट दिया और वैश्विक मंच पर भारत का वैज्ञानिक मान बढ़ाया—सिर्फ़ कमर्शियल फ़ायदे के लिए ‘कॉर्पोरेट मस्कट’ में बदलना और इस तरह उनका क्रूर मज़ाक उड़ाना, भारत की महान बौद्धिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान का जानबूझकर किया गया अपमान है।

पहले भी अमेजन के एड विवादों में आए

इस नोटिस में अमेज़न के उस इतिहास की ओर ध्यान दिलाया गया है जिसमें उसने व्यावसायिक लाभ के लिए भारतीय संस्कृति और हिंदू प्रतीकों का अनादर किया है। इससे पहले, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर हिंदू देवी-देवताओं (भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी) की तस्वीरों वाले डोरमैट और टॉयलेट सीट कवर की बिक्री, और वेब सीरीज़ ‘तांडव’ के ज़रिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, इन मुद्दों पर भारी विरोध के बाद कंपनी को माफी मांगनी पड़ी थी।

सिर्फ व्यावसायिक मुनाफे के लिए महान भारतीय हस्तियों का जान-बूझकर अपमान करने के इस कृत्य पर, संशोधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), धारा 196 और 197 (दुश्मनी को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय अखंडता को कमज़ोर करना) और धारा 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा) के तहत सीधे आपराधिक और दीवानी कार्रवाई की जानी चाहिए।

48 घंटे में विज्ञापन हटाकर मांगे माफी नहीं तो केस

इस स्थिति को देखते हुए, हिंदू जनजागृति समिति ने अमेज़न को अपनी मांगें पूरी करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। इन शर्तों के तहत, ‘आर्यभट्ट – अमेज़न नाउ’ विज्ञापन को YouTube, Instagram, X (Twitter) और टेलीविज़न समेत सभी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से हमेशा के लिए हटाना होगा। इसके अलावा, कंपनी को हिंदू समाज और भारतीय संस्कृति से बिना किसी शर्त के सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। यह माफी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, वेबसाइट के होमपेज और प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों के ज़रिए मांगी जानी चाहिए। साथ ही, उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय प्रतीकों या सम्मानित हस्तियों का अनादर न करने का लिखित वचन भी देना होगा। वकील अमिता सचदेवा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो अदालत में मुकदमा दायर किया जाएगा। (एजेंसी)

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