वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े पर अखिलेश यादव का हमला, चुनाव आयोग से की बड़ी मांग
Akhilesh Yadav Slams Election Commission: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि मतदाता सूची में हेरफेर को रोकने के लिए, मतदाता पंजीकरण को आधार कार्ड और बायोमेट्रिक डेटा से जोड़ा जाना चाहिए। अखिलेश ने यह भी मांग की है कि इस प्रक्रिया के लिए जरूरी उपकरण बूथ स्तर पर उपलब्ध कराए जाएं।
विपक्ष के दबाव में कार्रवाई कर रहा चुनाव आयोग
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को कार्रवाई करने के लिए तब मजबूर होना पड़ा, जब विपक्ष ने एकजुट होकर इसका विरोध किया और आयोग का ध्यान अनियमितताओं की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिस पर बड़ी जिम्मेदारी है। अखिलेश ने सुझाव दिया कि फर्जी प्रविष्टियों की पहचान करने के लिए मतदाताओं की पहचान को आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी अवैध वोट न पड़े और मतदाता सूची तैयार करते समय कोई भी नाम दो या तीन बार दर्ज न हो जाए।
एक ही नाम पर हजारों वोट दर्ज होने का किया दावा
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक ही मतदान केंद्र पर “राजेश की पत्नी सुनीता” (उम्र 42 वर्ष) के नाम से 420 प्रविष्टियां (entries) दर्ज हैं, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में “सुनीता” नाम से कुल 2,441 प्रविष्टियां मौजूद हैं। इसी तरह, यह दावा किया गया कि पूरे राज्य में “राजकुमार” नाम से 1,627 प्रविष्टियां हैं, और “विकास यादव” नाम भी कई मतदान केंद्रों पर एक पंजीकृत मतदाता के रूप में दर्ज है। अखिलेश ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और इन फर्जी प्रविष्टियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
सपा में शामिल हुए कई दिग्गज नेता
सोमवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय में, पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी और दारा सिंह प्रजापति समेत कई नेता पार्टी में शामिल हुए। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव करीब आने के बीच, इन नेताओं के सपा में शामिल होने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक पूरे राज्य में राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे को और मजबूती मिलेगी। दारा सिंह प्रजापति का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि जिसके साथ ‘दारा’ (उनके नाम पर एक शब्द-खेल, जिसका अर्थ ‘ताकत’ या ‘समर्थन’ है) होगा, वही राजनीतिक मैदान में जीत हासिल करेगा।
वाल्मीकि समाज को घर और मालिकाना हक का वादा
वाल्मीकि समुदाय तक पहुंचते हुए, सपा प्रमुख ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो वाल्मीकि जयंती पर हर जिले में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। इसके अलावा, वाल्मीकि समुदाय के लोगों को उन कॉलोनियों में मालिकाना हक देने के लिए कदम उठाए जाएंगे, जहां वे अभी रह रहे हैं।
शिवपाल बोले थानों और दफ्तरों में बिना पैसे नहीं होता काम
कार्यक्रम में बोलते हुए, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत किया और भाजपा पर तीखा हमला बोला। शिवपाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाज के हर वर्ग को हाशिए पर धकेलने और बांटने का काम किया है। महंगाई और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौर में, पुलिस थानों या सरकारी विभागों में बिना रिश्वत दिए काम कराना मुश्किल हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सपा में शामिल होने वाले सभी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा। (एजेंसी)

