250 करोड़ का नया प्राइवेट जेट बनेगा CM मोहन यादव की शाही सवारी, कुछ दिन विदेशी पायलट संभालेंगे कमान
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार के लिए कनाडा से भोपाल आ रहे बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान के संबंध में प्रतिदिन नई जानकारी सामने आ रही है। इस अत्याधुनिक विमान के लिए सख्त डीजीसीए नियमों, पायलटों के पुनर्प्रशिक्षण और प्रोटोकॉल के कारण, फिलहाल भारतीय पायलटों को ही इस पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अक्सर मंत्रालय के वल्लभ भवन में ठहरने के बजाय निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के लिए जमीनी स्तर पर यात्रा करते हैं। वे अक्सर विभिन्न जिलों के दौरे पर रहते हैं, इसलिए इस विमान का उपयोग त्वरित आवागमन के लिए भी किया जाएगा।
सुपर-मिड साइज है यह बिजनेस जेट
6,297 किलोमीटर की निर्बाध उड़ान क्षमता और 250 करोड़ रुपये की लागत वाला सुपर-मिड-साइज बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 अब मध्य प्रदेश के आसमान में उड़ान भरेगा। मुख्यमंत्री जैसे विशेष और संवेदनशील पद की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, राज्य सरकार अत्यंत सावधानी से हर कदम उठा रही है। कनाडा से उड़ान भरने के लिए तैयार यह विमान 30 सितंबर तक भोपाल पहुंचने वाला है, लेकिन उससे पहले इसके हर तकनीकी पहलू का परीक्षण किया जा रहा है।
देसी पायलट अटक रहे
अब यह खुलासा हुआ है कि इस अत्याधुनिक जेट को उड़ाने के लिए नियुक्त किए गए दो भारतीय पायलट जब पहले प्रयास में कठिन परीक्षा पास करने में असफल रहे, तो सुरक्षा से समझौता किए बिना उन्हें व्यापक पुनर्प्रशिक्षण दिया गया। अब ये दोनों पायलट सह-पायलट के रूप में कार्य करेंगे, जबकि एक अनुभवी विदेशी पायलट विमान का संचालन करेगा।
विदेशी पायलट फिलहाल उड़ाएंगे
विमानन नियमों के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए विदेशी विमान चालक दल के लिए अस्थायी प्राधिकरण (FATA) प्राप्त किया गया है। 1937 के विमान नियमों और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कड़े मानकों के तहत, केवल 65 वर्ष से कम आयु के और कम से कम 2,000 घंटे का बड़े विमानों में अनुभव रखने वाले विदेशी पायलट ही ऐसे विमानों का संचालन कर सकते हैं, जो दिसंबर 2026 तक वैध है।
टर्बुलेंस को भी देता है मात
गौरतलब है कि यह नया विमान मध्य प्रदेश के पुराने टर्बोप्रॉप विमान से लगभग 50 प्रतिशत अधिक तेज़ है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह जेट 45,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरता है, जिससे यह झटकों को प्रभावी ढंग से मात देता है। इसकी 870 किमी/घंटा की गति इसे भोपाल से सीधे टोक्यो तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। कड़े सुरक्षा और तकनीकी निरीक्षणों से गुजरने के बाद, यह वीवीआईपी जेट मुख्यमंत्री के सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के नए साधन के रूप में तैयार है। पुराने टर्बोप्रॉप विमान की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तेज और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस जेट को उतरने के लिए कम से कम 5,500 फीट लंबे रनवे की जरूरत होगी, जिससे यह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो सहित चुनिंदा हवाई पट्टियों पर ही संचालित हो सकेगा। (एजेंसी)

