दिवाली से पहले रेस्टोरेंट का बड़ा फैसला, खाने-पीने की कीमतों में 15% तक बढ़ोतरी
कर्नाटक न्यूज़: दिवाली से पहले बाहर खाना खाने और ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने पर लोगों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है। बेंगलुरु, मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में रेस्तरां मालिक मेनू की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहे हैं। दूध और दही की बढ़ती कीमतें, व्यावसायिक एलपीजी की कीमतें, खाद्य मुद्रास्फीति और कर्मचारियों के बढ़ते वेतन ने रेस्तरां व्यवसाय पर लागत का दबाव बढ़ा दिया है। होटल एसोसिएशन के मुताबिक, कर्नाटक के रेस्टोरेंट भी खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। अगर यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो इस साल दूसरी बार रेस्टोरेंट में खाने के दाम बढ़ेंगे। इससे त्योहारों के मौसम में लोगों का खर्च और बढ़ सकता है।
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
दरअसल, त्योहारों के दौरान लोग परिवार और दोस्तों के साथ बाहर खाना पसंद करते हैं, और घर पर होने वाली पार्टियों और मेहमानों के लिए ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने में भी बढ़ोतरी होती है। इसलिए, रेस्तरां के मेनू में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि हाल के वर्षों में व्यावसायिक लागत लगातार बढ़ी है। दूध और दही जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने कई व्यंजनों को तैयार करना महंगा कर दिया है। वहीं, व्यावसायिक एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने रसोई के खर्चों को भी बढ़ा दिया है, साथ ही कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन लागतों में भी वृद्धि हुई है।
ऐसी स्थिति में, रेस्टोरेंट संचालकों के पास बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का ही विकल्प बचता है। यदि कीमतें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं, तो इसका असर न केवल रेस्तरां में बैठकर भोजन करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा, बल्कि ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों पर भी पड़ेगा। (एजेंसी)

