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समुद्र से आ रही आफत: आधी रात तट से टकराएगा चक्रवात ‘मुरासु’, 4 राज्यों में चेतावनी

हैदराबाद/चेन्नई। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब तट से टकराने की उल्टी गिनती शुरू कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, तूफान आज सोमवार की आधी रात से मंगलवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। इसके नेल्लोर और नरसापुर के बीच स्थित ओंगोल के दक्षिणी क्षेत्र में समुद्र तट से टकराने की सर्वाधिक संभावना है, जिससे तटीय इलाकों में व्यापक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

22 किमी प्रति घंटे की चाल, नेल्लोर से सिर्फ 160 किमी दूर

चक्रवात मुरासु 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट की तरफ बढ़ रहा है। सोमवार सुबह यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 14.1 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। यह प्रणाली नेल्लोर से महज 160 किलोमीटर, चेन्नई से 180 किलोमीटर और ओंगोल से मात्र 210 किलोमीटर की दूरी पर केंद्रित थी। जैसे-जैसे यह तट के नजदीक आ रहा है, तटीय क्षेत्रों में हवा की गति और बादलों की गर्जना बढ़ती जा रही है।

204 मिमी से ज्यादा बारिश, इन 8 जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

तूफान का सबसे विनाशकारी असर 2 और 3 नवंबर को देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 204 मिलीमीटर से भी अधिक भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के एलुरु, कृष्णा, एनटीआर, पश्चिम गोदावरी, गुंटूर, बापटला, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने का गंभीर अंदेशा है।

तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा तक फैला तूफान का दायरा

तूफान मुरासु का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। तेलंगाना में 2 नवंबर से बारिश तेज होगी और 3 नवंबर को कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश का संकट गहराएगा। तमिलनाडु में चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और पुडुचेरी में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। उधर, दक्षिणी ओडिशा के गजपति, गंजाम, कोरापुट और रायगढ़ा जिलों में 2 से 4 नवंबर तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी अगले दो दिन मौसम बिगड़ा रहेगा।

देश के अन्य राज्यों पर भी असर

इस चक्रवाती हलचल के प्रभाव से मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 नवंबर तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

घरों में रहने की सलाह, आपातकालीन दल तैनात

मौसम के इस उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते सामान्य यातायात, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी सलाह और चेतावनियों पर निरंतर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें।

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