SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, राहुल गांधी ने पोस्ट किया ‘सत्यम, शिवम, सुंदरम’
दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ‘SIR’ (सिस्टम फॉर इंटीग्रेटेड रिपोर्टिंग/रिकॉर्डिंग) प्रक्रिया को चुनौती दी है। विपक्ष ‘SIR’ प्रक्रिया पर रोक लगाने, चुनाव आयोग के फैसलों की जांच कराने और सभी संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। सुनवाई से पहले, राहुल गांधी ने ‘X’ पर “सत्यम शिवम सुंदरम” लिखा और साथ ही भगवान शिव की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनके माथे पर ‘त्रिपुंड’ (पवित्र भस्म की तीन आड़ी रेखाएं) दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों की तुलना भगवान शिव के ‘तांडव’ से की। उन्होंने कहा कि उनकी रणनीति या प्रदर्शन किसी पहले से तय योजना का नतीजा नहीं हैं; बल्कि, ये “शिव के तांडव” और “शिव की बारात” की तरह हैं—जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया
याचिका में, विपक्ष ने SIR (मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया पर रोक लगाने और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की जांच की मांग की थी। इस मामले पर आज सुनवाई होनी है। इससे एक दिन पहले, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया, जिसमें कहा गया कि SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले आम सहमति से लिए गए थे। अपने हलफनामे में, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर लिए थे; कोई भी फैसला एकतरफा नहीं लिया गया था। किसी मतदाता का नाम केवल ERO (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) की सहमति से ही जोड़ा या हटाया जा सकता है। इसके अलावा, फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
13 विपक्षी नेताओं ने दाखिल की थी याचिका
दरअसल, 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद एक याचिका दायर की। इस याचिका पर पहली सुनवाई 15 अक्टूबर को हुई। सुनवाई के दौरान, बेंच ने मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किए। इसके साथ ही, कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस याचिका को ‘SIR’ मुद्दे से जुड़े अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग का जवाब दाखिल
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा याचिका दायर किए जाने के बाद, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसमें 14 कमियां—यानी तकनीकी खामियां—पाईं। यह कहा गया कि इन कमियों को दूर करने और याचिका को पूरी तरह से ठीक करने के बाद ही इस मामले पर सुनवाई की जाएगी। रजिस्ट्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान दस्तावेज की फोटोकॉपी साफ नहीं थी। इसके अलावा, याचिका के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी नहीं लगाए गए थे। (एजेंसी)

