CM साय का कांग्रेस पर सीधा हमला; कहा- लगातार चुनावी हार से हताश होकर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे विपक्षी दल
रायपुर। भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के हमलों पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को तीखा रुख अपनाया। रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चुनावी पराजयों से इस कदर हताश हो चुकी है कि अब वह देश की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला करने से भी नहीं हिचक रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
‘संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करना कांग्रेस की फितरत’
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण के देश की सबसे भरोसेमंद चुनावी संस्था पर लांछन लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल खिलाफ है और इससे वैश्विक स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचता है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस एक आदतन अपराधी की तरह व्यवहार कर रही है—जब भी जनता उसे नकारती है, वह चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और ईवीएम को कठघरे में खड़ा करने लगती है।
आयोग के स्पष्टीकरण का दिया हवाला, सुप्रीम कोर्ट के रुख का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए संयुक्त बयान से यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि विपक्षी दलों द्वारा गढ़ा जा रहा नैरेटिव पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस संबंध में बार-बार स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी कांग्रेस का भ्रम फैलाना उसकी निराशा को दर्शाता है। सीएम साय ने मांग की कि यदि कांग्रेस के पास कोई पुख्ता दस्तावेज या तथ्य हैं तो उन्हें सामने रखें, न कि हवा में बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करें।
‘कांग्रेस के जनप्रतिनिधि भी उसी EVM से जीते हैं’
ईवीएम पर उठने वाले सवालों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व को वास्तव में ईवीएम प्रणाली पर भरोसा नहीं है, तो वे पहले खुद अपने सांसद पद से इस्तीफा दें और अपनी पार्टी के बाकी सांसदों तथा विधायकों से भी त्यागपत्र दिलवाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस जीतती है तो व्यवस्था सही हो जाती है और जब हारती है तो ईवीएम खराब हो जाती है—यह दोहरा मापदंड अब देश की जनता भली-भांति समझ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख गिराने और जनता में अविश्वास का माहौल बनाने की इस राजनीतिक साजिश के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस को पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

