डीपफेक फोटो विवाद में दीपक-सौरभ-रांका पर FIR, दिल्ली हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई
नईदिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित डीपफेक तस्वीरों के बंनाने और फैलाने के संबंधित एक याचिका पर आज सुनवाई करने की सहमति दी है। यह याचिका 25 वर्षीय महिला ने दायर की है, जिसने दावा किया है कि सीजेपी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उसकी तस्वीरों में हेरफेर किया और एआई का उपयोग करके आपत्तिजनक तस्वीरें प्रसारित कीं।कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई आज दोपहर बाद की जा सकती है।
अपनी याचिका में महिला ने चार सीजेपी कार्यकर्ताओं – सौरभ दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह – पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि इन व्यक्तियों ने एआई तकनीक का उपयोग करके उनकी निजी तस्वीरों में हेरफेर किया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी एक अश्लील डीपफेक छवि बनाकर उसे सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया। याचिका में यह भी कहा गया है कि जुलाई में सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस छवि का इस्तेमाल किया गया था। डीपफेक तस्वीर उस फोटो को कहते हैं जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से इस तरह बनाया जाता है कि वह असली जैसी दिखे, जबकि असल में वह पूरी तरह से मॉर्फ की गई या बदली गई होती है।
महिला के अनुसार, इस पूरी घटना से उसे अत्यधिक मानसिक पीड़ा और लक्षित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस साइबर सेल में एफआईआर संख्या 22/2026 दर्ज की जा चुकी है। यह एफआईआर 24 सितंबर को दर्ज की गई थी। महिला की याचिका में आरोप लगाया गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, प्रशासनिक ढिलाई के कारण न तो मुख्य आरोपी, यानी प्रतिवादी संख्या 2 से 5 को गिरफ्तार किया गया है और न ही मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. को इंटरनेट से तस्वीरें हटाने के लिए कोई प्रभावी कानूनी नोटिस भेजा गया है। इसी कारण महिला ने अब इन तस्वीरों को तुरंत हटाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आज सुनवाई करने का फैसला लिया है। (एजेंसी)

