अफगान-पाक सीमा पर बढ़ा तनाव, गुलिस्तान में घमासान के बीच पाक सैनिक पीछे हटे
Afghan-Pak border tensions: गुलिस्तान इलाके में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भीषण संघर्ष छिड़ गया है। गुलिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी और अफगान तालिबान के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कई तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसकी सेना ने गुलिस्तान सीमा क्षेत्र में अफगान तालिबान के एक हमले को नाकाम कर दिया और कई तालिबान लड़ाकों को मार गिराया।
सूत्रों ने हमले की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह घटना दो मित्र देशों से शत्रु बने देशों के बीच नए सिरे से तनाव के दौर में घटी है। पिछले तीन महीनों से दोनों देशों के बीच स्थिति काफी हद तक शांत थी, लेकिन पिछले सप्ताह उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस ठिकाने पर हुए हमले में कम से कम 24 लोग मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने बिना सबूत दिए भड़काने वाले कदम उठाए। पाकिस्तान ने गुरुवार को अफ़ग़ानिस्तान में 10 जगहों पर हवाई और ड्रोन हमले किए। अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा था कि इन हमलों में चार आम नागरिक मारे गए। इसके बाद दोनों देशों के बीच ताजा टकराव हुआ है।
गुलिस्तान बॉर्डर पर घनघोर लड़ाई
सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अफगान तालिबान लड़ाकों ने गुरुवार को पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसपैठ करने और बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में एक “आक्रामक अभियान” चलाने का प्रयास किया।
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए; यह भी बताया गया कि आधी रात के बाद भी रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, न ही अफगान सरकार ने ऐसे हमलों की पुष्टि की है।
गुलिस्तान झड़प को लेकर अफगानी तालिबान की ओर से कोई विस्तृत बयान तुरंत नहीं आया है.
गुलिस्तान बॉर्डर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला जिले में स्थित एक कस्बा और तहसील मुख्यालय है। यह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा (दुरंड रेखा) से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां अचकज़ई, काकर, तारेन और सैयद जैसी जनजातियां निवास करती हैं। सीमा के निकट होने के कारण यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
बॉर्डर पोस्ट छोड़ भागे पाकिस्तानी
इस बीच, अफगानिस्तान के टोलो न्यूज़ ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने कंधार के रेगिस्तान, शोराबक और स्पिन बोल्डक जिलों में नियंत्रण रेखा के पास स्थित कई चौकियों को छोड़ दिया है और इलाके से पीछे हट रही है। सूत्र ने यह भी बताया कि बुधवार को स्पिन बोल्डक के सारो सानो इलाके में डूरंड लाइन के पास अफगान सेना और पाकिस्तानी सैन्य सरकारी बलों के बीच झड़पें हुईं। सूत्र के अनुसार, इन झड़पों में चार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और उनकी एक चौकी नष्ट हो गई। इससे पहले सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने भी TOLO news को बताया था कि स्पिन बोल्डक में इस्लामिक अमीरात की सेना और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़पें हुई थीं।
आठ ड्रोन मार गिराने का दावा
पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि उसकी सेना ने आठ ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें से चार तोरखम सीमा के पास और चार खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट के पास थे। अफगानिस्तान ने ड्रोन हमलों में संलिप्तता से इनकार किया और पाकिस्तान के हमलों की कड़ी निंदा की।
सख्त रुख और उचित जवाब
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि हमलों में चार अफगान नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि काबुल “कठोर रुख अपनाएगा और उचित जवाब देगा” और चेतावनी दी कि ऐसे कार्यों के पाकिस्तानी सेना के लिए “गंभीर परिणाम” होंगे।
मक्का पैक्ट से बचने के बहाने बना रहा PAK
ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने यह भी कहा कि पाकिस्तान मक्का समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमला कर रहा है। पाकिस्तान दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि वह खुद अफगानिस्तान के साथ संघर्ष में शामिल है। ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वे पाकिस्तान के हमलों का जवाब देने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे। (एजेंसी)

