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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर CJP का अल्टीमेटम, 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

ज्ञानेश कुमार

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर जारी बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। CJP संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार तय समयसीमा के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा। दीपके ने 25 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि आंदोलन की शुरुआत मुंबई से की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन को देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाने की बात कही गई है।

48 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम

CJP की ओर से 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगें सामने रखी गई थीं। संगठन ने SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करने की मांग भी रखी। इसके अलावा CJP ने चुनाव आयोग में सुधार और 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव की मांग की है। संगठन की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मांग भी उठाई गई है।

SIR को लेकर पहले से जारी है विवाद

SIR यानी Special Intensive Revision के जरिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद पहले से चल रहा है। अब चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है। द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों ने कुछ मामलों में फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए जाने की बात उठाई थी।

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मतदाता सूची और Form-6 को लेकर भी आपत्तियां

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे। Form-6 में SIR से संबंधित जानकारी जोड़े जाने को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में ऐसा सवाल जोड़ा गया था, जिसे लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों ने इसे नियमों में बदलाव किए बिना किए जाने पर सवाल उठाया था। इसके अलावा मतदाता डेटा तक पहुंच के कथित केंद्रीकरण को लेकर भी चिंता दर्ज किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस संबंध में निगरानी और अधिकारों को लेकर सवाल उठाए थे।

विपक्षी दलों ने भी उठाए सवाल

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने रिपोर्ट में सामने आई बातों के आधार पर CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों को चुनाव आयोग पहले खारिज करता रहा है। इसलिए आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों और उनके राजनीतिक अर्थ को अलग-अलग देखना जरूरी है।

2 अक्टूबर से आंदोलन की तैयारी

CJP संयोजक अभिजीत दीपके ने अब आंदोलन को देशव्यापी रूप देने का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, अगर ज्ञानेश कुमार निर्धारित समय में इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुंबई से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। CJP का कहना है कि इसके बाद आंदोलन को देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। ऐसे में SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच 2 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन इस मुद्दे पर आगे की गतिविधियों का एक अहम पड़ाव बन सकता है।

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