Sat. Sep 19th, 2026

‘जो जिस हैसियत का है, वहीं बैठा है!’ भरी सभा में इमरती देवी ने किसे दिखाया आईना? जानिए मंच न साझा करने की असली वजह

ग्वालियर। ग्वालियर ग्रामीण में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सरेआम देखने को मिली। अपने बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी का गुस्सा डबरा के एक सार्वजनिक मंच पर उस वक्त फूट पड़ा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के मुख्य बैनर पर उनकी तस्वीर ही नजर नहीं आई। बैनर से फोटो नदारद देख पूर्व मंत्री ने मंच साझा करने से साफ इनकार कर दिया और मंच के नीचे सामान्य कार्यकर्ताओं के बीच जाकर बैठ गईं।

डबरा के एक निजी गार्डन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह और फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गायक साधु तिवारी मुख्य अतिथि के तौर पर मंच पर आसीन थे। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कई बार आवाज देकर इमरती देवी को मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने ऊपर जाने से दो टूक मना कर दिया।

‘मंच पर तो हत्या करने वाले भी बैठे हैं’— पूर्व मंत्री का सीधा प्रहार

मंच पर न जाने की वजह पूछने पर इमरती देवी ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे पार्टी में किसी पद पर नहीं हैं, सिर्फ एक सामान्य कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ताओं के साथ ही बैठेंगी। इसी दौरान उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि जो जिस हैसियत का होता है, वह उसी हैसियत से अपनी जगह पर बैठता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मंच पर तो हत्या करने वाले भी बैठे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उनका यह तंज मंच पर मौजूद भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी के बेटे जीतू राजा की तरफ माना जा रहा है, जो पूर्व में ऐसे ही एक गंभीर मामले में आरोपी रह चुके हैं। डबरा में इमरती देवी और नपा अध्यक्ष लक्ष्मी देवी के बीच लंबे समय से वर्चस्व की सियासी खींचतान चल रही है।

‘इमरती देवी अपनी मर्जी की राजा है’: छलका दर्द और तंज

पत्रकारों से बात करते हुए इमरती देवी ने कहा कि वे पार्टी और सिंधिया जी की निष्ठावान सिपाही हैं तथा हमेशा अच्छे लोगों का ही साथ देती हैं। सांसद द्वारा बार-बार मंच पर बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंच पर बड़े नेता बैठे थे, जबकि इमरती देवी अपनी मर्जी की राजा है और जहां उसका मन करेगा वहीं जाएगी।

इशारों ही इशारों में विरोधियों को आगाह करते हुए उन्होंने इसे समय का चक्र बताया और कहा कि वक्त सबका आता है, पहले किसी और का था जो खत्म हुआ, फिर दूसरे का आया और वह भी समाप्त हुआ, अब जब तीसरे का समय आएगा तब सबको हकीकत समझ आएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओरछा में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति के दौरान भी वे कृष्णा गौर को मुख्यमंत्री बनने की अग्रिम बधाई देकर सियासी हलकों में हलचल मचा चुकी हैं।

सांसद कुशवाह बोले— ‘नाराजगी की वजह मुझे नहीं पता’

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि इमरती देवी किस बात से नाराज थीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उनका कोई निजी विषय हो सकता है और संगठन के पदाधिकारियों से इस संदर्भ में बात की जानी चाहिए। उन्होंने शिष्टाचार निभाते हुए उन्हें मंच पर आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं आईं।

ग्वालियर ग्रामीण में तीन गुटों की खींचतान

जिले की राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि ग्वालियर ग्रामीण भाजपा इस समय पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सांसद भारत सिंह कुशवाह और पूर्व मंत्री इमरती देवी के तीन अलग-अलग धड़ों में बंटी हुई है। लगातार हो रही उपेक्षा के खिलाफ इमरती देवी के बगावती तेवर और मंच न साझा करने की इस घटना ने साफ कर दिया है कि संगठन के भीतर खींचतान अब सतह पर आ चुकी है।

About The Author

इन्हें भी पढ़े