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होर्मुज में सप्लाई 75% तक गिरी! 100 डॉलर के पार कच्चा तेल; अमेरिका-ईरान युद्ध से पेट्रोल-डीजल पर बड़ा संकट?

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य टकराव और समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 फीसदी की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर 101.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.81 फीसदी की छलांग लगाते हुए 97.79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संकट: एक-चौथाई रह गया तेल का प्रवाह

तेल की कीमतों में इस तीव्र उछाल का सीधा संबंध दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा गलियारे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में पैदा हुए तनाव से है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि अमेरिका द्वारा उसके 5 तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के जवाब में उसने होर्मुज के निकट 10 जहाजों पर हमले किए हैं। ईरानी सेना ने खुली चेतावनी दी है कि यदि उस पर नए हमले हुए तो जवाबी कार्रवाई और अधिक विध्वंसक होगी। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, टैंकरों पर लगातार हमलों के चलते इस संकरे समुद्री मार्ग से तेल का प्रवाह सामान्य दिनों की तुलना में घटकर मात्र एक-चौथाई यानि 25% रह गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन टूटने की आशंका पैदा हो गई है।

घरेलू बाजार (MCX) पर असर: 9,400 रुपये तक जा सकते हैं भाव

वैश्विक तेजी का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखा।

मौजूदा स्तर: MCX पर क्रूड ऑयल करीब 9,140 रुपये पर कारोबार कर रहा है और यह 9,150 से 9,200 रुपये के कड़े रेजिस्टेंस स्तर को चुनौती दे रहा है।

अगला टारगेट: कमोडिटी एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर भाव 9,200 के ऊपर टिकते हैं, तो यह रैली 9,350 से 9,400 रुपये प्रति बैरल के स्तर तक खिंच सकती है।

सपोर्ट लेवल: बाजार के लिए तात्कालिक सपोर्ट 9,000–8,950 रुपये और उसके बाद 8,800–8,750 रुपये पर देखा जा रहा है।

टेक्निकल व्यू: MCX क्रूड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 71 है, जो मजबूत मोमेंटम दर्शाता है। हालांकि, इतने ऊंचे आरएसआई के चलते कुछ समय के लिए कंसॉलिडेशन की भी गुंजाइश है, लेकिन 9,000 रुपये के ऊपर ओवरऑल ट्रेंड मजबूत बना हुआ है।

WTI क्रूड में 100 डॉलर की तैयारी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर WTI क्रूड 96 डॉलर से ऊपर बना हुआ है और 98 डॉलर के स्तर को टेस्ट कर रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि WTI 98 डॉलर के पार निकलता है, तो यह सीधा 100 डॉलर प्रति बैरल की दिशा में कदम बढ़ाएगा। इसके लिए प्रमुख सपोर्ट 95–94 और 92–91 डॉलर के बीच रहेगा। जब तक समुद्री मार्गों पर सैन्य टकराव थमता नहीं है, तब तक कच्चे तेल के भाव ऊंचे स्तरों पर टिके रहने की पूरी संभावना है।

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