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चुनावी माहौल के बीच मायावती का एक्शन: आकाश आनंद पार्टी से बेदखल, 10 बिंदुओं में गिनाए कारण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने कड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे और पूर्व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को बसपा की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी जिम्मेदारियों से पूरी तरह बाहर कर दिया है। आकाश के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ द्वारा सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बावजूद पार्टी प्रमुख का गुस्सा शांत नहीं हुआ। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 10 बिंदुओं का एक विस्तृत बयान साझा कर आकाश आनंद को पार्टी से निकालने की वजहें बताईं और दोनों पर पार्टी व आंदोलन से ज्यादा निजी स्वार्थ को तवज्जो देने के गंभीर आरोप लगाए।

‘डबल माइंड’ वाले नहीं चला सकते आंदोलन: मायावती

मायावती ने स्पष्ट किया कि 3 सितंबर को ही आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया गया था, और अब उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह आजाद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आकाश का अपने करियर और बहुजन मिशन से ज्यादा अपने ससुर के प्रति झुकाव था। ऐसे में ‘डबल माइंड’ होकर काम करने वाला व्यक्ति पार्टी और आंदोलन का भला नहीं कर सकता।

मायावती के 10-प्वाइंट नोट के मुख्य अंश:

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर टिप्पणी: मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ का राजनीति छोड़ने का फैसला ‘देर से उठाया गया सही कदम’ है। अगर वे यह फैसला पहले ले लेते तो पार्टी, आंदोलन और आकाश आनंद को लगातार मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।

आंबेडकरवादी परंपरा और त्याग: बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम की राजनीति त्याग और समर्पण की रही है। ‘बहुजन समाज’ को सत्ता तक पहुंचाने के लिए व्यक्तिगत लालसा और पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठना अनिवार्य है।

ससुर के प्रति अत्यधिक लगाव पर आपत्ति: नोट में आरोप लगाया गया कि आकाश आनंद अपने करियर से ज्यादा ससुर के प्रभाव में दिखे। यहां तक कि उन्होंने पार्टी प्रमुख के उस सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट करना भी जरूरी नहीं समझा, जो उनके खुद के हित में किया गया था।

नीयत और कृतज्ञता का सवाल: मायावती ने कहा कि बसपा ने ही इन दोनों को फर्श से अर्श तक पहुंचाया, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने आंदोलन की जगह निजी हित को प्राथमिकता दी।

कार्यकर्ताओं से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान

अपने बयान के अंत में बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से किसी भी विरोधी हथकंडे से विचलित न होने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पूरे तन, मन और धन से जुटकर उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार पूर्ण बहुमत की ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ वाली मजबूत कानून-व्यवस्था की सरकार बनाने के संकल्प को पूरा करें।

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