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अखिलेश ने किया नया ड्रेस कोड लॉन्च, नीली जींस-टीशर्ट में नजर आएंगे छात्रसभा कार्यकर्ता

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन, ‘समाजवादी छात्र सभा’ ​​के पदाधिकारी अब नई यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्र सभा के पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए नीले रंग की नई यूनिफॉर्म लॉन्च की। पार्टी कार्यालय में छात्र सभा के कार्यकर्ता नीली टी-शर्ट, नीली जींस और लाल टोपी पहने हुए दिखाई दिए। अब यही समाजवादी छात्र सभा की आधिकारिक यूनिफॉर्म होगी।

अखिलेश बोले- नीला रंग युवाओं का रंग

इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि नीला रंग युवाओं, नई पीढ़ी और बहुजन समाज का रंग है। यह अन्याय के खिलाफ लड़ाई का रंग है। उन्होंने कहा कि नीला रंग न सिर्फ बहुजन समाज का, बल्कि एक विचारधारा का भी प्रतीक है और नई पीढ़ी एक नया नजरिया लेकर आती है। छात्र विंग के कार्यक्रम के दौरान, अखिलेश यादव ने घोषणा की कि पार्टी नई पीढ़ी के छात्रों और युवाओं से सीधे जुड़ने की तैयारी कर रही है। इस पहल के तहत दो हफ्ते का छात्र जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि कैंपेन के दौरान वे कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और हॉस्टलों में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं और नजरिए को समझने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग रंगों से तो डरते हैं, लेकिन भगवान से नहीं। उन्होंने आगे कहा कि सुल्तानपुर में कुछ दबंग लोगों ने जिस तरह जन्माष्टमी के जश्न में खलल डाला और पूजा में बाधा पहुंचाई, वह न सिर्फ एक समुदाय की आस्था पर हमला था, बल्कि एक पाप और अपराध भी था।

कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और हॉस्टलों जागरूकता अभियान

राज्य में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने हैं। समाजवादी छात्र सभा के ड्रेस कोड में बदलाव को इन्हीं चुनावों के नजरिए से देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अखिलेश नीले रंग का इस्तेमाल करके युवा और दलित वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। आज अखिलेश यादव ने छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अगले दो महीनों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से जुड़ें। यूपी में 2027 के चुनाव में करीब पैंतीस लाख फर्स्ट टाइम वोटर और करीब दो करोड़ जेन जी वोटर होंगे। एक सर्वे के मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को ग़ैर जाटव दलित वोट करीब 56 फीसदी और जाटव वोट करीब 25 फीसदी मिला था। अब बड़ा सवाल है कि क्या सिर्फ ब्लू (नीला) रंग अखिलेश को युवाओं और दलितों का वोट दिला पाएगा ?(एजेंसी)

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