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भोपाल लाठीचार्ज मामले में शासन का सख्त कदम: 2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, गृह सचिव करेंगे जांच; एमपी के बड़े अस्पतालों में OPD बंद

भोपाल। स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के MBBS इंटर्न्स पर वॉटर कैनन और लाठीचार्ज के मामले में सरकार ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। घटना में शामिल दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि समूचे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच का जिम्मा गृह सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा गया है। दूसरी ओर, आंदोलन के चौथे दिन गतिरोध दूर करने के लिए इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल वल्लभ भवन में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से निर्णायक वार्ता कर रहा है।

गृह सचिव की निगरानी में होगी लाठीचार्ज की जांच

कमला पार्क पर आंदोलनकारी डॉक्टरों पर किए गए बल प्रयोग के बाद प्रदेशभर के चिकित्सकों में तीखा आक्रोश फैल गया था। छात्रों की मांग थी कि डॉक्टरों पर लाठी भांजने और वॉटर कैनन चलाने के जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रशासन ने दबाव के बीच प्राथमिक कदम उठाते हुए दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। गृह सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाठीचार्ज के आदेश देने वाले अधिकारियों और परिस्थितियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपें, जिसके आधार पर आगे विभागीय व वैधानिक कार्रवाई तय होगी।

मंत्रालय में आमने-सामने की वार्ता, लिखित आदेश की मांग

बीते दिन स्वास्थ्य मंत्री और कॉलेज प्रबंधन के बीच हुई अनौपचारिक बैठक बेनतीजा रहने के बाद, आज इंटर्न्स का प्रतिनिधिमंडल औपचारिक रूप से बातचीत के लिए मंत्रालय पहुंचा। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि वे केवल ठोस लिखित आदेश पर ही आंदोलन खत्म करेंगे।

बैठक में स्टाइपेंड वृद्धि के मसौदे और जारी होने वाले शासनादेश (GO) की प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है।

भोपाल के लाठीचार्ज की आंच इंदौर और जबलपुर तक, स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी

भोपाल की घटना के विरोध में और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है:

जबलपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इंटर्न्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। यहां ओपीडी और रूटीन ऑपरेशन थिएटर (OT) सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे रूटीन मरीजों को लौटना पड़ रहा है। हालांकि, आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं फिलहाल जारी रखी गई हैं।

इंदौर: महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल के मुख्य द्वार पर 200 से अधिक इंटर्न्स ने कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इंदौर में भी आज से ओपीडी और रूटीन सर्जरी का काम पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांगें

सम्मानजनक स्टाइपेंड: वर्तमान में मिल रहे ₹14,000 के स्टाइपेंड को बढ़ाकर अन्य राज्यों के बराबर कम से कम ₹30,000 प्रति माह किया जाए।

ट्यूशन फीस में राहत: मध्य प्रदेश में देश भर के मुकाबले सबसे ज्यादा ट्यूशन फीस ली जाती है, जिसे तर्कसंगत रूप से घटाया जाए।

दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया जाए।

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