बाबा नीम करौली के पैतृक घर को लेकर छिड़ा विवाद, 6 पोतियों ने लगाया हनुमान जी ट्रस्ट पर कब्जे का आरोप
फिरोजाबाद: बाबा नीमकरौली महाराज के जन्मस्थान अकबरपुर, टुंडला में स्थित उनके पैतृक घर को लेकर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। DM संतोष कुमार शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और समाधान निकालने के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। DM द्वारा गठित इस कमेटी की अध्यक्षता ADM (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी करेंगे, जबकि SDM टूंडला दिव्या सिंह और पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया है। जो कि संपत्ति विवाद को लेकर जांच करेंगे। ट्रस्ट इन सब आरोपों को निराधार बता रहा है।
कौन हैं बाबा नीम करौली
बाबा नीम करौली का असली नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। उनका जन्म लगभग सन् 1900 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुआ था। बाबा ने 1958 में अपना घर छोड़ दिया। 1961 में वे नैनीताल के पास कैंची धाम आ गए, जो हनुमान और बाबा का प्रसिद्ध निवास स्थान बन गया है। उनका निधन 1963 में वृंदावन में हुआ। नीम करौली बाबा के दो पुत्र थे। बड़े पुत्र अनके सिंह शर्मा और छोटे पुत्र धर्म नारायण शर्मा थे।
नीम करौली बाबा की जन्मस्थली
अनके सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी है। धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं। इन बेटियों ने ही पैतृक घर पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। विवादित पैतृक घर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टुंडला तहसील के अकबरपुर गांव में मकान संख्या 154 है, जो प्रसिद्ध नीम करौली बाबा का जन्मस्थान है। बाबा इसी घर में रहते थे। यहां 2 कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी है। इसके अलावा, बाकी कमरों में पुजारी रहते हैं।
पोतियों ने लगाया आरोप
गौरतलब है कि बाबा नीम करौली महाराज के दिवंगत छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा और उनके दामाद मनोज रावत की छह बेटियों (सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, ऋतु और ऋचा) ने अकबरपुर स्थित नीम करोली महाराज के पैतृक घर के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। नीम करोली बाबा की पोतियों का आरोप है कि श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने बाबा के पैतृक घर पर जबरन कब्जा कर लिया है। यदि प्रशासन जल्द ही ट्रस्ट का कब्जा नहीं हटवाता है, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी। (एजेंसी)

