‘फर्जी डिग्री’ बांटने वाली यूनिवर्सिटी पर SOG का हथौड़ा! कुलपति, परीक्षा नियंत्रक और ऑपरेटर 3 दिन की रिमांड पर
भोपाल। राजस्थान की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले एक बड़े ‘शिक्षा माफिया’ का भंडाफोड़ हुआ है। खास बात यह है कि इस महा-फर्जीवाड़े का सीधा कनेक्शन मध्य प्रदेश से निकला है। राजस्थान की पीटीआई भर्ती परीक्षा में बैक डेट से बीपीएड की फर्जी डिग्रियां बांटने के आरोप में राजस्थान SOG ने मध्य प्रदेश के सीहोर में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है।
SOG के हत्थे चढ़े बड़े सफेदपोश
इस डिग्रियों के काले बाजार को खत्म करते हुए SOG ने सीहोर स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारियों पर शिकंजा कसा है:
कुलपति गिरफ्तार: मामले का मुख्य मास्टरमाइंड माने जाने वाले यूनिवर्सिटी के कुलपति को SOG ने धर दबोचा है।
अन्य गिरफ्तारियां: कुलपति के अलावा, फर्जी डिग्रियां तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले परीक्षा नियंत्रक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया है।
रिमांड पर आरोपी: पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया है, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और करोड़ों के लेनदेन का खुलासा किया जा सके।
7 महीने पहले भोपाल-सीहोर में पड़ा था छापा
आपको बता दें कि राजस्थान SOG की यह कार्रवाई कोई रातों-रात लिया गया फैसला नहीं है। जांच एजेंसी पिछले कई महीनों से इस नेटवर्क को ट्रैक कर रही थी। लगभग 7 महीने पहले SOG की टीम ने सीहोर में यूनिवर्सिटी कैंपस सहित राजधानी भोपाल के कई हाई-प्रोफाइल ठिकानों पर दबिश दी थी।
भोपाल में एक बड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने और कपूर हाउस पर भी सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया था। इसी रेड में SOG के हाथ कई चौंकाने वाले डिजिटल सबूत और कच्चे चिट्ठे लगे थे, जिसके आधार पर अब यह बड़ी गिरफ्तारियां संभव हो पाई हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में इस पूरे रैकेट के कुछ और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।

