18 बच्चों को स्कूल लेकर जा रही बस बेमेतरा में पलटी, हादसे से मचा हड़कंप
Road Accident: सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बच्चों से भरी एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 17 से 18 बच्चे सवार थे। बस पलटते ही बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। इस हादसे में कई बच्चे घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बस से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी घायल बच्चों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सिंघपुर-झाल मार्ग पर हुआ हादसा
खबरों के मुताबिक, ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल की बस संख्या CG 25 A 0218 सुबह बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। इसी दौरान, सिंघपुर-झाल मार्ग पर, खरसरा और झाल के बीच, बस अचानक बेकाबू हो गई। ड्राइवर के बस पर काबू पाने से पहले ही, बस सड़क किनारे एक खेत में पलट गई। इस हादसे से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बस के अंदर फंसा देख आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने बच्चों को बस से निकाला बाहर
दुर्घटना के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने चालक और कंडक्टर की मदद से बस के अंदर फंसे बच्चों को बचाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दुर्घटना में घायल हुए कई बच्चों को इलाज के लिए पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बच्चों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटाई।
स्कूल बस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा और व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की मांग उठ रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बसों की नियमित जांच, चालकों की योग्यता और वाहन की तकनीकी स्थिति की निगरानी बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही, खासकर बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में, गंभीर परिणाम दे सकती है।
हादसे के कारणों की जांच जरूरी
बस के अनियंत्रित होने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह पता लगाने की जरूरत है कि हादसा चालक की लापरवाही, वाहन में तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति के कारण हुआ। संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। (एजेंसी)

