विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों-पुलिस में टकराव, आंसू गैस और लाठीचार्ज से बिगड़े हालात
JPSC-JSSC Ranchi Protest : रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस घटना में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
मार्च के बाद, कुछ छात्र विधानसभा के पास डटे रहे। उनका आरोप है कि अंधेरा होने के बाद, पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। अब, घायल छात्र और शिक्षक अपनी चोटों के निशान दिखा रहे हैं। कुछ के पैरों में चोटें हैं, तो कुछ के हाथ सूज गए हैं। मौके पर मौजूद छात्र एक-दूसरे के घावों पर मरहम-पट्टी करते और मदद करते नजर आए।
छात्रों को ‘दौड़ा-दौड़ा’ कर मारा गया
एक घायल छात्र ने आरोप लगाया, “दौड़ा-दौड़ा के मारा गया। निर्दय जैसा खेत में दौड़ा-दौड़ा के मारा गया। गिरने के बाद कीचड़ में भी मारा गया।” छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लड़कियों पर भी लाठीचार्ज किया गया। एक अन्य छात्र ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारी शांति से बैठे थे। पुलिस के कहने पर भी अपनी जगह से नहीं हिले लेकिन लाइट बंद होने के बाद पुलिस ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की। छात्रों ने बताया कि कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।
शिक्षक भी घायल, छात्रों ने दिखाए जख्म
विरोध प्रदर्शन में शामिल एक शिक्षक भी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज के दौरान वे एक छात्र को बचाने की कोशिश कर रहे थे। घायल प्रदर्शनकारियों ने अपने पैरों, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान दिखाए। एक छात्र का मोबाइल फोन भी टूट गया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर छात्रों के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
17 दिन बाद भी आंदोलन खत्म नहीं
JPSC और JSSC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन 17 दिन बाद भी खत्म नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में JSSC-CGL परीक्षा के संबंध में कार्रवाई और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शामिल है। सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस को उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। छात्रों का कहना है कि JSSC-CGL से जुड़ी उनकी मांगों पर कोई फैसला होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सरकार बातचीत और जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का इरादा पहले ही जाहिर कर चुकी है। अब, लाठीचार्ज में छात्रों के घायल होने के आरोपों ने विरोध-प्रदर्शन को और तेज कर दिया है।(एजेंसी)

