दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा का बड़ा फैसला, पूरी जिला संगठन इकाई भंग
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनावी प्रदर्शन की निष्पक्ष समीक्षा के बाद संगठन को नए सिरे से खड़ा करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।
समीक्षा समिति की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार
उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा ने हार के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय समीक्षा समिति बनाई थी। समिति ने स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका, चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का आकलन कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
जिलाध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी हटाए गए
भाजपा के आदेश के अनुसार दतिया जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, विभाग और प्रकल्प से जुड़े सभी पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। पार्टी अब जिले में नई कार्यकारिणी गठित कर संगठन को फिर से सक्रिय करने की तैयारी में है।
उम्मीदवार चयन के बाद बढ़ी थी नाराजगी
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया और कई कार्यकर्ताओं ने विरोध भी दर्ज कराया। हालांकि बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया, लेकिन चुनाव के दौरान अंदरूनी मतभेद लगातार चर्चा में रहे।
भीतरघात की चर्चाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा के अंदर ही भीतरघात को लेकर सवाल उठे। विपक्ष ने भी आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत नहीं लगाई। माना जा रहा है कि समीक्षा समिति ने भी इस पहलू को गंभीरता से अपनी रिपोर्ट में शामिल किया।
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कांग्रेस ने दर्ज की जीत
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत हासिल की। उन्हें 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच जीत का अंतर करीब 6,016 वोट रहा। वहीं, अन्य उम्मीदवारों के वोटों ने भी मुकाबले को प्रभावित किया।
नई रणनीति पर काम करेगी भाजपा
भाजपा अब दतिया में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है। पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य नई टीम के माध्यम से आगामी चुनावों से पहले संगठन को फिर से मजबूती देना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना है।

