रिटायरमेंट से पहले रिश्वत का झटका, ग्वालियर नगर निगम का इंजीनियर गिरफ्तार
MP News: उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले, ग्वालियर नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक बड़ा घोटाला सामने आया, जिसने पूरे विभाग को झकझोर दिया। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विडंबना यह है कि ठीक अगले दिन उनके विदाई समारोह की तैयारियां चल रही थीं और उन्हें लगभग 60 लाख रुपये की सेवानिवृत्ति राशि मिलनी थी। पुलिस ने नगर निगम के एक कार्यकारी अभियंता (ईई) को ठेकेदार से उसके लंबित बिलों का भुगतान करवाने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुशील कटारे (62) के रूप में हुई है, जो ग्वालियर नगर निगम में कार्यकारी अभियंता के पद पर तैनात हैं और इस महीने की 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित ठेकेदार सचिन पचौरी ने दो दिन पहले भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता सचिन पचौरी ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा किए गए सिविल कार्य के लिए उन पर लगभग 36 लाख रुपये के बकाया बिल थे। कटारे ने इन बिलों को प्रोसेस करने और क्लियर करने के लिए 36,000 रुपये की रिश्वत, यानी 1% कमीशन की मांग की। ठेकेदार ने लोकायुक्त टीम को बताया कि उन्होंने इंजीनियर को 30,000 रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया था, लेकिन आरोपी शेष 6,000 रुपये के लिए उन पर लगातार दबाव डाल रहा था।
नगर निगम दफ्तर में बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़े गए EE
शिकायत की पुष्टि के बाद, लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में जाल बिछाया गया। ठेकेदार द्वारा कार्यकारी अभियंता सुशील कटारे को शेष 6,000 रुपये सौंपते ही, वहां पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तुरंत परिसर पर छापा मारा और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। रासायनिक परीक्षण के दौरान, आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वतखोरी की पुष्टि हुई।
विदाई की तैयारी के बीच पहुंची लोकायुक्त टीम
सूत्रों के अनुसार, निगम कार्यालय के कर्मचारियों ने कटारे की सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में विदाई समारोह और उपहारों की तैयारी कर ली थी। इसी बीच, लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इससे पूरे निगम कार्यालय में हलचल मच गई। ग्वालियर लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग में भुगतान के बदले कमीशन की मांग के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की पुष्टि के बाद, एक जाल बिछाया गया जिसमें कार्यकारी अभियंता को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। (एजेंसी)

