Mon. Jul 27th, 2026

सवाईमाधोपुर जौहरी लूटकांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

सवाईमाधोपुर : पुलिस ने बजारिया के पॉश इलाके इंद्र कॉलोनी में जौहरी दिनेश गोयल के साथ में हुई सनसनीखेज लूट का मामला सुलझा लिया है। मैनटाउन पुलिस स्टेशन ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराध में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि आरोपियों ने लूट से पहले दो-तीन दिन जौहरी की निगरानी की और फिर सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया।

व्यापारी को घर लौटते समय बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 7:45 बजे, जौहरी दिनेश गोयल अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। मैनहट्टन गर्ल्स स्कूल के पास पहुंचते ही, वहां पहले से इंतजार कर रहे चार अपराधियों ने उन्हें रोका और बाइक से नीचे गिरा दिया। फिर उन्होंने उनका बैग छीन लिया और उनके गले से सोने की चेन तोड़ने की कोशिश की। बैग में लगभग 26 ग्राम सोना और लगभग 1.30 लाख रुपये नकद थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

घटना के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीणा के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गईं, जिनका नेतृत्व सर्किल अधिकारी राजेंद्र मीणा और मंटाउन पुलिस स्टेशन अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज के आधार पर, अपराधियों के भागने का रास्ता और अपराध में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों से पूछताछ के बाद दिलखुश मीणा और अशोक मीणा के नाम सामने आए।

जयपुर से पांच आरोपी गिरफ्तार

सायबर सेल के सब-इंस्पेक्टर अजीत मोगा को मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस की टीम जयपुर पहुंची। जगतपुरा के अक्षय पात्र चौराहे के पास कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष सैन, रवि मीणा, दिलखुश मीणा, अशोक मीणा और प्रशांत कावटंया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रशांत अपराध में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो का मालिक है।

पुलिस पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे अपराध से दो-तीन दिन पहले से ही जौहरी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने दुकान के बंद होने के समय, घर जाने के रास्ते और दिनचर्या के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाकर डकैती की योजना बनाई। सभी आरोपी 20 से 25 वर्ष की आयु के हैं और जयपुर में किराए के कमरे में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि विभिन्न टीमों के समन्वय, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के कारण इस सनसनीखेज डकैती का मामला जल्दी सुलझा लिया गया और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। (एजेंसी)

About The Author