केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, विपक्ष ने बताया छात्रों के आंदोलन की जीत
इस्तीफे के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा सुधार और जवाबदेही की उठी मांग
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार दोपहर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पिछले कुछ समय से छात्र संगठन और विभिन्न समूह शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे छात्रों के आंदोलन और लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम बताया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के छात्रों की आवाज की जीत है। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी और अब सरकार को इस संदेश को गंभीरता से लेना चाहिए। खड़गे ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आगे ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राहुल गांधी ने देशभर के छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं ने एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह दिन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अपनी आवाज के बल पर बदलाव ला सकते हैं और यह लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने इसे नई पीढ़ी की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर गंभीर सुधार करने होंगे। उन्होंने परीक्षा पत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर लगातार जारी है। विपक्षी दल शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

